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अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पर हरीश रावत के साथ चली इस सियासी भिड़ंत को फिलहाल एक दिन के लिए टाल दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ‘आदरणीय रावत जी, राजनीतिक मतभेदों के बाद भी आपके प्रति आदर भाव है। आप वरिष्ठ हैं, अनुभवी हैं। यह लोकतंत्र का धर्म युद्ध है। रात हो चुकी है। सूर्योदय की प्रतीक्षा करते हैं। कल जरूर प्रत्युत्तर दूंगा।’
READ MOREकभी-कभी बॉल वहीं गुम हो जाती। बॉल खोने पर उसे ढूंढने का हमारे पास दिव्य तरीका था । हम अपने उल्टे हाथ में थूकते थे फिर सीधे हाथ की दो उंगलियों से थूक में मारते और कहते-“आती-पाती म्यर बॉल कति” जिधर को थूक उड़ कर जाता उसी दिशा में बॉल को खोजते थे। हिल-मेल के साथ याद कीजिए अपने बचपन का सुनहरा दौर…।
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अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पर हरीश रावत के साथ चली इस सियासी भिड़ंत को फिलहाल एक दिन के लिए टाल दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ‘आदरणीय रावत जी, राजनीतिक मतभेदों के बाद भी आपके प्रति आदर भाव है। आप वरिष्ठ हैं, अनुभवी हैं। यह लोकतंत्र का धर्म युद्ध है। रात हो चुकी है। सूर्योदय की प्रतीक्षा करते हैं। कल जरूर प्रत्युत्तर दूंगा।’
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कभी-कभी बॉल वहीं गुम हो जाती। बॉल खोने पर उसे ढूंढने का हमारे पास दिव्य तरीका था । हम अपने उल्टे हाथ में थूकते थे फिर सीधे हाथ की दो उंगलियों से थूक में मारते और कहते-“आती-पाती म्यर बॉल कति” जिधर को थूक उड़ कर जाता उसी दिशा में बॉल को खोजते थे। हिल-मेल के साथ याद कीजिए अपने बचपन का सुनहरा दौर…।
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