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ईराणी के ग्राम प्रधान मोहन नेगी ने बताया कि जियो कंपनी ने नेटवर्क कनेक्टिविटी की इच्छा तो जताई लेकिन गांव के सड़क से 6 किलोमीटर की पैदल दूरी पर होने के कारण टॉवर लगाने में असमर्थता जताई। कंपनी का कहना था कि यहां टॉवर लगाना असंभव है, क्योंकि यहां सामग्री पहुंचना बहुत मुश्किल है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी सामूहिकता के इस प्रयास की प्रशंसा की है।
READ MOREनीती घाटी में लगे जियो के इन मोबाइल टावरों से जुमा, जेलम, काजा, गरपत, लौंग, टमक, बकरांसु, फागती, तोलमा, सुरई, सूकी मल्लागांव एवं लाटा गांव के लोगों को मोबाइल कनेक्टीविटी मिलेगी। 15 दिसम्बर 2020 तक 10 एवं मार्च 2021 तक सीमांत क्षेत्रों में जियो के 25 मोबाइल टॉवर लगाए जाएंगे। मार्च 2021 तक चमोली जनपद के अधिकांश सीमांत गांव जियो की 4-जी कनेक्टिविटी से जुड़ जाएंगे।
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ईराणी के ग्राम प्रधान मोहन नेगी ने बताया कि जियो कंपनी ने नेटवर्क कनेक्टिविटी की इच्छा तो जताई लेकिन गांव के सड़क से 6 किलोमीटर की पैदल दूरी पर होने के कारण टॉवर लगाने में असमर्थता जताई। कंपनी का कहना था कि यहां टॉवर लगाना असंभव है, क्योंकि यहां सामग्री पहुंचना बहुत मुश्किल है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी सामूहिकता के इस प्रयास की प्रशंसा की है।
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नीती घाटी में लगे जियो के इन मोबाइल टावरों से जुमा, जेलम, काजा, गरपत, लौंग, टमक, बकरांसु, फागती, तोलमा, सुरई, सूकी मल्लागांव एवं लाटा गांव के लोगों को मोबाइल कनेक्टीविटी मिलेगी। 15 दिसम्बर 2020 तक 10 एवं मार्च 2021 तक सीमांत क्षेत्रों में जियो के 25 मोबाइल टॉवर लगाए जाएंगे। मार्च 2021 तक चमोली जनपद के अधिकांश सीमांत गांव जियो की 4-जी कनेक्टिविटी से जुड़ जाएंगे।
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