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मेजर जनरल विकास लखेड़ा नगालैंड में संघर्षविराम से पूर्व सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्हें जम्मू-कश्मीर और असम में आतंकवाद विरोधी अभियानों की योजना बनाने और संचालन करने का व्यापक अनुभव है। उन्हें सैन्य सेवा के दौरान सेना मेडल, चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ कमेंडेशन कार्ड और दो बार जीओसी-इन-सी कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
READ MOREस्मिता देवरानी की कामयाबी पर पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लाक के डुंडेख गांव के लोग बहुत खुश हैं। डूंडेख निवासी शंभू प्रसाद देवरानी की पुत्री स्मिता देवरानी का परिवार भले ही दशकों पूर्व दिल्ली में बस गया हो, लेकिन देवरानी अपने गांव के लोगों से जुड़ी हैं। उनके चाचा सुरेश देवरानी नागालैंड से प्रमुख सचिव के पद से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में देहरादून के बसंत विहार में रहते हैं।
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मेजर जनरल विकास लखेड़ा नगालैंड में संघर्षविराम से पूर्व सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्हें जम्मू-कश्मीर और असम में आतंकवाद विरोधी अभियानों की योजना बनाने और संचालन करने का व्यापक अनुभव है। उन्हें सैन्य सेवा के दौरान सेना मेडल, चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ कमेंडेशन कार्ड और दो बार जीओसी-इन-सी कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
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स्मिता देवरानी की कामयाबी पर पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लाक के डुंडेख गांव के लोग बहुत खुश हैं। डूंडेख निवासी शंभू प्रसाद देवरानी की पुत्री स्मिता देवरानी का परिवार भले ही दशकों पूर्व दिल्ली में बस गया हो, लेकिन देवरानी अपने गांव के लोगों से जुड़ी हैं। उनके चाचा सुरेश देवरानी नागालैंड से प्रमुख सचिव के पद से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में देहरादून के बसंत विहार में रहते हैं।
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