सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग होने से कान्हरवाला भानियावाला निवासी 325 लाइट एडी हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान शहीद हो गए। शहीद का पार्थिव शरीर कल शाम तक देहरादून पहुंचने की उम्मीद है। जैसे ही उनके गांव में शहीद होने की खबर मिली पूरे गांव में शोक की लहर है।
हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान के पिता राजेंद्र सिंह चौहान सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए है। कमांडर मेजर पॉल ने उनको बताया कि शहीद जगेंद्र सिंह चौहान सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थे और लैंड स्लाइडिंग के दौरान वह घायल हो गये थे और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था।
जगेंद्र सिंह चौहान के घर वालों ने बताया कि वह 25 फरवरी को घर आने वाले थे। इससे पहले ही उनके शहीद होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही उनकी माता विमला चौहान और पत्नी किरन चौहान गहरे सदमे में हैं। शहीद जगेंद्र सिंह मूलरूप से भनस्वाड़ी, थत्यूड़ ब्लॉक, टिहरी गढ़वाल के निवासी निवासी थे और 2007 से कान्हरवाला भानियावाला में निवास कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जगेंद्र सिंह चौहान के शहीद होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भले ही वह मां भारती की सेवा करते हुए वह शहीद हो गये लेकिन वह सदा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेंगे।


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