प्रतापनगर ब्लॉक के देवल गांव में अनुसूचित जाति के युवक केतन लाल की मौत के मामले को लेकर टिहरी जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां भीम आर्मी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रतापनगर पहुंचना चाहती थी, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के लोगों ने संगठन के प्रस्तावित दौरे का विरोध करते हुए इसे गांव के सामाजिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश बताया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को नरेंद्रनगर बाईपास पर ही रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
देवल गांव निवासी केतन लाल की आठ जून को हुई मौत के मामले में पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बावजूद मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बना हुआ है। भीम आर्मी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करने और न्याय की मांग को लेकर 22 जून को प्रतापनगर कूच का एलान किया था। संगठन का कहना था कि तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिला है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हालांकि, भीम आर्मी के प्रतापनगर पहुंचने की घोषणा के बाद क्षेत्र में विरोध के स्वर भी तेज हो गए। रविवार को डोबरा-चांठी मोटर मार्ग पर चौंधार में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और संगठन के प्रस्तावित दौरे का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतापनगर क्षेत्र में विभिन्न जातियों और समुदायों के लोग वर्षों से भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते आए हैं तथा किसी भी घटना को जातीय रंग देकर सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का प्रयास उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन और बाहरी लोग केतन प्रकरण को जातीय विवाद के रूप में प्रस्तुत कर क्षेत्र का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की तो क्षेत्र की जनता उसका विरोध करेगी। इस दौरान लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की मांग की।
चौंधार में आयोजित विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक प्रमुख मनीषा पंवार, नगर पंचायत अध्यक्ष रोशन रांगड़, पूर्व जिला पंचायत सदस्य उदय रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव पंवार, कोषाध्यक्ष अमन राणा, राजमोहन रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुलायम सिंह रावत, अवंतिका भंडारी और प्रवीण सिंह समेत अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर, भीम आर्मी के कार्यकर्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रतापनगर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने नरेंद्रनगर बाईपास पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे जाने से रोक दिया। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ आईटीबीपी के जवान भी तैनात किए गए थे। पुलिस की कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत नौटियाल ने कहा कि संगठन की एकमात्र मांग केतन लाल के परिवार को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और कानून के राज से जुड़ा हुआ है। उनका आरोप था कि घटना के कई सप्ताह बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया धीमी है, जिससे लोगों में असंतोष है।
कई दौर की वार्ता के बाद एसडीएम आशीष चंद्र घिल्डियाल ने भीम आर्मी प्रतिनिधियों को निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब सवा छह बजे संगठन ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
इस बीच, उत्तरकाशी में भी केतन लाल हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग उठी। भीम युवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच, दोषियों को कठोर सजा तथा मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की। संगठन के अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि यह घटना समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मामला है।
टिहरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा पीड़ित परिवार को लगभग सवा चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कर रही है। साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भीम आर्मी को नरेंद्रनगर में रोका गया था। प्रशासन का प्रयास है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव न बढ़े और कानून व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे।यह लेख समाचार पत्र शैली में संतुलित और तथ्याधारित रूप से तैयार किया गया है।








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