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नंदी कुंड में बिखरी ब्रह्मकमल की अद्भुत छटा

हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच उत्तराखंड में आपदा प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से जोशीमठ आपदा, तमक नाले पर वैली ब्रिज के निर्माण, राहत एवं पुनर्वास कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक समाधान को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

लोकेंद्र सिंह बिष्ट, उत्तरकाशी

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र इन दिनों प्रकृति की अद्भुत खूबसूरती से सराबोर हैं। ऊंचे बुग्यालों और हिमालय की चोटियों के बीच जहां नजर जाती है, वहां ब्रह्मकमल की मनमोहक छटा दिखाई दे रही है। सफेद रंग के ये दुर्लभ पुष्प उच्च हिमालयी क्षेत्र की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।

जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के राज्य पुष्प ब्रह्मकमल की। इन दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बुग्यालों के आसपास बड़ी संख्या में ब्रह्मकमल खिले हुए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आया यह खूबसूरत वीडियो नंदी कुंड क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां चारों ओर खिले ब्रह्मकमल और हिमालयी प्राकृतिक दृश्य लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

गढ़वाल हिमालय में चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों की सीमा के समीप स्थित नंदी कुंड उत्तराखंड की बेहद दुर्गम और खूबसूरत उच्च हिमालयी झीलों में शामिल है। समुद्र तल से करीब 4,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील चारों ओर से हिमाच्छादित चोटियों, ग्लेशियरों और विशाल बुग्यालों से घिरी हुई है।

नंदी कुंड की यात्रा रुद्रप्रयाग जिले के रांसी गांव से शुरू होकर मध्यमहेश्वर धाम और पांडव सेरा ट्रेल से होकर आगे बढ़ती है। यह ट्रेक बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है और अनुभवी ट्रेकर्स के लिए ही उपयुक्त है। रास्ते में हिमालय की भव्य चोटियों और प्राकृतिक नजारों का अद्भुत अनुभव होता है।

धार्मिक मान्यताओं के कारण भी नंदी कुंड का विशेष महत्व है। इसे पांडवों और भगवान शिव के नंदी से जोड़कर देखा जाता है। क्षेत्र में स्थित पांडव बसेरा भी स्थानीय मान्यताओं और लोककथाओं के कारण आकर्षण का केंद्र है।

नंदी कुंड तक पहुंचने वाला ट्रैक बेहद दुर्गम और कई स्थानों पर संकरा है। इसलिए यहां की यात्रा सामान्य पर्यटकों के लिए आसान नहीं है। अनुभवी गाइड और स्थानीय पोर्टर की सहायता के साथ ही इस कठिन ट्रेक पर जाना सुरक्षित माना जाता है।

नंदी कुंड के आसपास का क्षेत्र अपनी प्राकृतिक विविधता के लिए भी जाना जाता है। बुग्यालों, हिमनदों, झीलों और ऊंची पर्वत चोटियों के बीच ब्रह्मकमल का खिलना इस पूरे क्षेत्र को किसी चित्र की तरह खूबसूरत बना देता है।

इन दिनों नंदी कुंड के आसपास का हिमालयी क्षेत्र ब्रह्मकमल से गुलजार है। सफेद ब्रह्मकमलों के बीच दूर तक फैले हरे बुग्याल, आसमान को छूती बर्फीली चोटियां और शांत हिमालय इस दृश्य को अविस्मरणीय बना रहे हैं।

प्रकृति का यह अनोखा नजारा एक बार फिर साबित करता है कि उत्तराखंड के हिमालय में खूबसूरती की कोई सीमा नहीं — जहां हर मौसम अपने साथ एक नई तस्वीर लेकर आता है।

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Hill Mail

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