चमोली जिले के नारायणबगड़ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल परिसर की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन डिमरी (45) गंभीर रूप से घायल हो गए। मलबे से बाहर निकालकर उन्हें तत्काल उपचार दिया गया और उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणबगड़ में क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल की मरम्मत का कार्य चल रहा था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन डिमरी अस्पताल परिसर से लगे नाले और दीवार के मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान पहले से कमजोर हो चुकी सुरक्षा दीवार अचानक ढह गई और वह उसके मलबे में दब गए।
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल के कर्मचारियों, स्थानीय लोगों और अन्य मौजूद लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद डॉ. डिमरी को मलबे से बाहर निकाला गया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ. रिया घिल्डियाल ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। उनकी हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि 25 जून को हुई भारी बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में मलबा आने से सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। दीवार की स्थिति कमजोर होने के कारण उसकी मरम्मत कराई जा रही थी। निरीक्षण के दौरान अचानक दीवार ढह जाने से यह दुखद हादसा हुआ।
डॉ. नवीन डिमरी मूल रूप से गोपेश्वर के निकट देवलधार गांव के निवासी थे। वह अपनी कार्यकुशलता, सरल स्वभाव और मरीजों के प्रति समर्पित सेवा भावना के लिए जाने जाते थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि वह केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि अस्पताल के रखरखाव, व्यवस्थाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा के साथ निभाते थे। उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है।
सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता ने डॉ. डिमरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका असमय निधन न केवल विभाग बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने भी डॉ. नवीन डिमरी के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. डिमरी एक समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक थे, जिन्होंने हमेशा जनसेवा को प्राथमिकता दी। उनका निधन स्वास्थ्य विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। मंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घटना की विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए।
इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर संरचनाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान कमजोर हो चुकी दीवारों और भवनों की समय रहते तकनीकी जांच और सुरक्षित तरीके से मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। डॉ. नवीन डिमरी के असामयिक निधन से पूरे नारायणबगड़, गोपेश्वर और स्वास्थ्य विभाग में शोक का माहौल है।








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