शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार कई अहम कदम उठाएः धामी

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार कई अहम कदम उठाएः धामी

मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 6 से 12 तक के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छात्रों को मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक विकासखंड से 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण पर भेजने की योजना भी शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान समारोह न सिर्फ छात्रों के उत्साहवर्धन का माध्यम है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का भी कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के साथ ही पूरे उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार कई अहम कदम उठा रही है। सभी सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं और कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें दी जा रही हैं। 226 स्कूलों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि 500 स्कूलों में वर्चुअल कक्षाएं और 840 नए स्कूलों में हाइब्रिड स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए गए हैं।

सरकार राज्य की भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा दे रही है। गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी में पुस्तकें तैयार की गई हैं, जबकि ‘हमारी विरासत’ पुस्तक के जरिए कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘कौशलम कार्यक्रम’ के माध्यम से छात्रों में कौशल, उद्यमिता और भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित करने पर काम हो रहा है।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अमर उजाला के सलाहकार संपादक उदय कुमार, देहरादून संपादक अनूप वाजपेयी और यूनिट हेड पंकज शर्मा मौजूद रहे।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this