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ऋषिकेश में जल्द लौटेगा गंगा राफ्टिंग का रोमांच, मरीन ड्राइव-निम बीच रूट की रेकी पूरी

मानसून के चलते बंद चल रही गंगा राफ्टिंग को दोबारा शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। रविवार को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद, साहसिक खेल विभाग और राफ्टिंग कारोबारियों की संयुक्त टीम ने मरीन ड्राइव से निम बीच तक गंगा के राफ्टिंग रूट की रेकी की। निरीक्षण के दौरान नदी का जलस्तर, बहाव और रैपिड्स राफ्टिंग के अनुकूल पाए गए। अब विभागीय रिपोर्ट और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राफ्टिंग संचालन की आधिकारिक तारीख घोषित की जाएगी।

 

रविवार दोपहर करीब 12 बजे विशेषज्ञों की टीम ने मरीन ड्राइव से निम बीच तक गंगा के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। मानसून के बाद राफ्टिंग शुरू करने से पहले नदी की मौजूदा स्थिति का जायजा लेना जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के तहत टीम ने जलस्तर, बहाव और रैपिड्स की स्थिति की जांच की। रेकी में परिस्थितियां अनुकूल मिलने के बाद राफ्टिंग कारोबार से जुड़े लोगों में भी उत्साह बढ़ा है।

जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी गढ़वाल सोबत सिंह राणा के अनुसार, विभागीय स्तर पर अनुमति मिलने के बाद अगले पांच से छह दिनों में राफ्टिंग शुरू की जा सकती है। एक रिपोर्ट में 23 सितंबर से राफ्टिंग शुरू होने की संभावना भी जताई गई है, हालांकि अंतिम तारीख विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। संचालन शुरू करने से पहले राफ्टिंग संचालकों के परमिट और लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

पहले छोटे रूट से शुरू होगा संचालन

राफ्टिंग शुरू होने पर शुरुआती चरण में जलस्तर और नदी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छोटे रूट खोले जाएंगे। इनमें ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश करीब नौ किलोमीटर और शिवपुरी से ऋषिकेश करीब 16 किलोमीटर का रूट शामिल है। इसके बाद गंगा का जलस्तर सामान्य और सुरक्षित रहने पर मरीन ड्राइव तथा कौडियाला से ऋषिकेश तक के लंबे रूट भी चरणबद्ध तरीके से खोले जा सकते हैं।

मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ने और बहाव तेज होने के कारण ऋषिकेश में राफ्टिंग गतिविधियां बंद रखी जाती हैं। इस वर्ष भी लगातार बारिश के चलते सितंबर की शुरुआत में प्रस्तावित संचालन शुरू नहीं हो पाया था। अब जलस्तर में सुधार के बाद साहसिक पर्यटन गतिविधियों को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कुछ दिन पहले मोहन चट्टी क्षेत्र में बंजी जंपिंग भी शुरू हो चुकी है।

राफ्टिंग कारोबार से जुड़ी हजारों लोगों की आजीविका

ऋषिकेश में राफ्टिंग केवल पर्यटकों के रोमांच का साधन नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका भी जुड़ी है। राफ्टिंग गाइड, टैक्सी और यूटिलिटी वाहन चालक, एजेंट तथा ट्रैवल एजेंसी संचालक इससे जुड़े हैं। राफ्टिंग सीजन शुरू होने पर इन लोगों के कारोबार में भी तेजी आने की उम्मीद है।

अब पर्यटकों और कारोबारियों को विभाग की अंतिम मंजूरी और आधिकारिक तारीख का इंतजार है। अनुमति मिलने के बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में गंगा की लहरों पर एक बार फिर राफ्टिंग का रोमांच दिखाई दे सकता है।

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Hill Mail

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