कुनबा बढ़ाने के लिए कॉर्बेट से राजाजी शिफ्ट किए जाएंगे बाघ

कुनबा बढ़ाने के लिए कॉर्बेट से राजाजी शिफ्ट किए जाएंगे बाघ

धरती पर मौजूद हर जीव की संतुलन साधने में अपनी भूमिका है। ऐसे में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए भी सरकार का पूरा फोकस रहता है। अब करीब 40 लाख रुपये खर्च करके उत्तराखंड के एक रिजर्व से दूसरे में कम उम्र के टाइगरों को भेजा जाएगा। आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर हर चार वर्ष बाद आधुनिक तरीके से बाघों की गिनती की जाती है।

बाघों का परिवार बढ़ाने के लिए उत्तराखंड में पहली बार बाघों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी रिजर्व में भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया इसी साल अक्टूबर में होनी है। अधिकारियों ने बताया कि किस-किस टाइगर को स्थानांतरित किया जाएगा, उनकी पहचान की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए कॉर्बेट में कैमरा ट्रैपिंग की जाएगी।

दरअसल, इसके लिए कम उम्र के टाइगर की जरूरत होती है, कोई वयस्क टाइगर नहीं। एक बार पहचान कर लिए जाने के बाद पशु चिकित्सकों की मदद से टाइगरों को ट्रांक्विलाइज (शांत) कर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाएगा।

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आपको बता दें कि कुल पांच टाइगरों को राजाजी के पश्चिमी हिस्से में शिफ्ट किया जाएगा, जहां पिछले करीब एक दशक से कुनबा नहीं बढ़ा है। पांच टाइगरों में 2 मेल और 3 फीमेल हैं। कॉर्बेट में इस समय बाघों की आबादी करीब 260 है।

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अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इस साल टाइगरों की शिफ्टिंग के लिए केंद्र सरकार ने करीब 40 लाख रुपये जारी किए हैं। पिछली गणना के अनुसार राजाजी टाइगर रिजर्व में 34 टाइगर हैं, जिसमें 32 पूर्वी हिस्से में हैं जो 150 वर्ग किमी में फैला इलाका है। पश्चिमी हिस्से में केवल 2 टाइगर हैं, जहां 570 वर्ग किमी का इलाका है।

2014 की जनगणना के अनुसार, अनुमानित रूप से 2,226 बाघों में से लगभग 40% बाघ निवास के मुख्य क्षेत्रों से बाहर रहते हैं।

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