गंगा तट की पवित्रता बनाए रखने के लिए अंतिम संस्कार में लापरवाही न बरतें

गंगा तट की पवित्रता बनाए रखने के लिए अंतिम संस्कार में लापरवाही न बरतें

केदारघाट में एक ही जगह पवित्र स्नानघाट व बगल में मोक्षघाट भी है, यहां पर इंसान इतनी जल्दी में रहता है कि अपने ही प्रियजनों के शव को आधा अधूरा जलाकर उसके अवशेषों को पवित्र गंगा माँ के प्रवाह में धकेल देता है… और निकल पड़ता है घर की ओर मातम मनाने।

केदारघाट स्थित गंगा तट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में बढ़ती लापरवाही को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह देखा जा रहा है कि कुछ लोग जल्दबाजी में अपने परिजनों के शवों का पूर्ण रूप से दाह संस्कार किए बिना ही अधजले अवशेषों को गंगा नदी में प्रवाहित कर रहे हैं या नदी किनारे ही छोड़कर चले जा रहे हैं।

इस प्रकार की लापरवाही के कारण न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। अधजले मानव अवशेषों के कारण क्षेत्र में आवारा पशुओं, विशेषकर कुत्तों द्वारा उन्हें क्षत-विक्षत करने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो मानवीय गरिमा के विपरीत है तथा आमजन की भावनाओं को आहत करती हैं।

यह स्थिति न केवल सामाजिक दृष्टि से अनुचित है, बल्कि सार्वजनिक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती है।

अतः समस्त नागरिकों से विनम्र अपील की जाती है कि:

  • अपने परिजनों के अंतिम संस्कार को पूर्ण विधि-विधान एवं धैर्यपूर्वक संपन्न करें।
  • चिता को पूर्ण रूप से जलने दें, जब तक शरीर पूर्णतः भस्म न हो जाए।
  • अधजले अवशेषों को नदी या तट पर न छोड़ें।

संबंधित प्रशासन एवं स्थानीय निकायों से भी अनुरोध है कि इस विषय पर आवश्यक निगरानी एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है कि हम अपने संस्कारों, परंपराओं और मानवीय गरिमा का सम्मान करें।

– लोकेंद्र सिंह बिष्ट, प्रांत संयोजक, गंगा विचार मंच, गंगा तट, केदारघाट

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this