Friday , 4 September 2026
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उत्तराखण्ड में कनेक्टिविटी को लेकर परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने खोला पिटारा, कई प्रोजेक्ट पर मुहर, मुख्यमंत्री धामी ने दी जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से सी.आईआर.एफ के प्रस्तावों पर वित्तीय एवं प्रशासकीय अनुमोदन के लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय संड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि सी.आईआर.एफ में राज्य को 250 करोड़ रूपये की परियोजना की स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
उन्होंने उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित आपदा से क्षतिग्रस्त हुये राष्ट्रीय राजमार्गों को सुचारू किये जाने के लिए एफडीआर (सी) के अन्तर्गत धनराशि का भुगतान किये जाने का अनुरोध केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से किया।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए बाढ़ क्षति की मरम्मत के तहत पुनः प्रस्ताव भेजा जाय। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग -109 ा के ज्यामितीय सुधार एवं चौड़ीकरण कार्य के लिये उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेन्सी के रूप में नामित किये जाने की स्वीकृति प्रदान किये जाने का भी अनुरोध किया। इसके लिए केन्द्रीय मंत्री ने सहमति दी।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने मसूरी की महत्वपूर्ण 02-लेन टनल परियोजना के कार्य को शीघ्रता से करने के एन.एच.ए.आई के अधिकारियों को निर्देश दिये।

यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-123(507) डामटा से बड़कोट के 2-लेन चौड़ीकरण हेतु डीपीआर लागत रू0 367.35 करोड़ मात्र की स्वीकृति प्रदान करने का भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग है। केन्द्रीय मंत्री द्वारा इसकी स्वीकृति जल्द दिये जाने का आश्वासन दिया गया।

मुख्यमंत्री ने खटीमा – पीलीभीत बाईपास का निर्माण एनएचएआई के माध्यम से कराये जाने का अनुरोध किया जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जायेगा। खटीमा मेलाघाट वनमहोलिया मार्ग तथा खटीमा लोहियाहैड मार्ग में आरओबी का निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय मंत्री ने आरओबी के लिए परीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

उन्होंने कहा कि देहरादून रिंग रोड निर्माण कार्य के लिए एनएचएआई द्वारा संरेखण के अंतिमीकरण की कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने एनएच-(ओ) के अन्तर्गत इनकी जल्द स्वीकृति का अनुरोध केंद्रीय मंत्री से किया। केन्द्रीय मंत्री ने इस पर त्वरित कार्यवाही के लिए एनएचएआई को निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से कुमाऊं से गढ़वाल मण्डल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-87ई (109) (ज्योलीकोट से कर्णप्रयाग) और उत्तराखण्ड एवं हिमाचल राज्य को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-72बी (707) (फेडिज से सनैल) के 2-लेन में परिवर्तन के समरेखण प्रस्ताव पर शीघ्र अनुमोदन दिये जाने का अनुरोध किया।

श्रीनगर शहरी क्षेत्र में अत्यधिक यातायात घनत्व को दृष्टिगत रखते हुये बाईपास निर्माण के लिए भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने इन तीनों योजनाओं की डीपीआर पर इस माह में स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से अनुरोध किया कि जनपद पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग (व्यास घाटी) से बेदाग के मध्य 5 किमी टनल का निर्माण वेदांग से गो एवं सिपु तक 20 किमी मार्ग सहित किये जाने से बीआरओ एवं सीपीडब्लूडी द्वारा निर्मित तवाघाट से वेदांग तक का मार्ग संयोजित हो जायेगा। यह जौलिंगकांग एवं बेदांग की दूरी 161 किमी कम कर देगा।

सिपु से तोला के मध्य लगभग 22 किमी लम्बाई की टनल का निर्माण किये जाने से दारमा वैली तथा जोहार वैली एक दूसरे से कनेक्ट हो जायेंगे। उन्होंने कहा मिलम से लथल तक 30 कि०मी० टनल का निर्माण होने से जनपद पिथौरागढ़ की जोहार घाटी एवं जनपद चमोली का लप्थल सड़क मार्ग को कनेक्ट किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 03 टनल मार्गों एवं 20 किमी सड़क मार्ग के निर्माण से जौलिंगकांग से लप्थल की दूरी लगभग 42 किमी हो जायेगी, जो कि वर्तमान में 490 किमी है। उन्होंने गो गांव से आगे बेदांग तक मोटर मार्ग निर्माण किये जाने एवं व्यास वैली में जौलिंगकांग से दारमा वैली के बेदांग गांव को जोड़ने हेतु दोनों ओर से लगभग 19 किमी लम्बाई के मोटर मार्ग एवं लगभग 3 किमी लम्बाई के टनल निर्माण की किये जाने का भी अनुरोध किया।

बैठक के दौरान उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री, लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज सचिव पीडब्लूडी डॉक्टर पंकज पांडेय भी उपस्थित थे।

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Hill Mail

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