भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना पर पेड़ कटान विवाद: NHAI ने दी सफाई, कहा- सभी कानूनी और पर्यावरणीय नियमों का हो रहा पालन

भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना पर पेड़ कटान विवाद: NHAI ने दी सफाई, कहा- सभी कानूनी और पर्यावरणीय नियमों का हो रहा पालन

भानियावाला-जॉलीग्रांट-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को लेकर पेड़ों की कटाई पर उठे विवाद के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। प्राधिकरण का कहना है कि परियोजना के तहत किए जा रहे सभी कार्य न्यायालय के निर्देशों, वैधानिक स्वीकृतियों और पर्यावरणीय नियमों का पूर्ण पालन करते हुए किए जा रहे हैं।

करीब 20 किलोमीटर लंबी यह परियोजना लगभग 743 करोड़ रुपये की लागत से हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य देहरादून, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश के बीच यातायात को सुगम बनाना, चारधाम यात्रा के दौरान लगने वाले जाम को कम करना तथा भविष्य की बढ़ती ट्रैफिक जरूरतों को पूरा करना है।

पेड़ कटान को लेकर उठा था विवाद

पिछले कुछ समय से स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों ने परियोजना के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह क्षेत्र हाथियों के महत्वपूर्ण कॉरिडोर का हिस्सा है और बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस मामले को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई थी।

NHAI का दावा- परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ आगे बढ़ रही

NHAI ने स्पष्ट किया है कि परियोजना की रूपरेखा तैयार करते समय पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए सड़क का राइट ऑफ वे (ROW) 60 मीटर से घटाकर मात्र 23 मीटर कर दिया गया, ताकि कम से कम पेड़ों की कटाई करनी पड़े।

प्राधिकरण के अनुसार वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर 754 पेड़ों को प्रतिरोपित (Transplant) करने योग्य पाया गया है। इनके स्थानांतरण की प्रक्रिया भी निर्धारित मानकों के अनुसार की जाएगी।

वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम

परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई विशेष संरचनाएं शामिल की गई हैं। इनमें एक बड़ा ब्रिज-कम-एलिफेंट अंडरपास, चार समर्पित हाथी अंडरपास, ग्रीन गाइड हेज, साउंड बैरियर और एंटी-ग्लेयर स्क्रीन बनाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना तथा सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।

हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने का दावा

NHAI ने कहा है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन मामले में न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि पेड़ कटान पर कोई स्थायी रोक लागू नहीं है। राज्य सरकार से आवश्यक कार्य अनुमति (Working Permission) मिलने और सभी वैधानिक मंजूरियां प्राप्त होने के बाद ही कार्य शुरू किया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि परियोजना का प्रत्येक चरण सक्षम अधिकारियों की अनुमति और पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।

परियोजना से होंगे कई लाभ

अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश के बीच यात्रा अधिक तेज और सुरक्षित होगी। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाले भारी जाम से राहत मिलेगी। सड़क की चौड़ाई बढ़ने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात का दबाव भी आसानी से संभाला जा सकेगा।

विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की चुनौती

हालांकि NHAI का कहना है कि परियोजना विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का उदाहरण बनेगी, लेकिन पर्यावरणविद अब भी हाथी कॉरिडोर और हजारों पेड़ों की कटाई को लेकर चिंता जता रहे हैं। ऐसे में यह परियोजना उत्तराखंड में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है। आने वाले समय में न्यायालय की निगरानी, पर्यावरणीय शर्तों के पालन और वन्यजीव संरक्षण के उपायों पर सभी की नजर रहेगी।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this