रिवर्स माइग्रेशन के जरिये लोगों को फिर से अपने घर-गांव की ओर जोड़ने की हिल-मेल की रैबार मुहिम बड़ा रंग लाई है। तीन साल पूरे करने जा रही त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने प्रवासी पहाडि़यों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य में निवेश एवं अन्य किसी प्रकार का सहयोग करना चाहते हैं, उनके लिए अलग से विभाग का गठन किया जाएगा। राज्य सरकार में मंत्रियों और विधायकों के साथ व्यापक ‘मंथन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
बृहस्पतिवार को सीएम आवास में आयोजित ‘मंथन’ कार्यक्रम में त्रिवेंद्र सरकार के मंत्रियों द्वारा अपने विभागीय कार्याकलापों, उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना से संबंधित प्रस्तुतीकरण के पश्चात् सभी विधायकों ने जनपदवार अपने क्षेत्र से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों पर अपनी बात रखी। इसके बाद, मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मंथन’ कार्यक्रम में जो मुख्य बातें सामने आई हैं, उनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, वन भूमि हस्तांतरण, पेयजल, सड़क आदि से संबंधित मुद्दे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में अनाथालय में रहने वाली बच्चों की परवरिश हेतु ‘मुख्यमंत्री वात्सलय योजना’ शुरू की जाएगी। वर्ष 2022 तक प्रत्येक ग्राम सभा को सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री कहा कि आज हरेला राष्ट्रीय पर्व जैसा बन गया है, इसके अवसर पर पूरे प्रदेशभर में 16 जुलाई को एक ही दिन में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिस्पना नदी के उद्गम क्षेत्र में किए गए सघन वृक्षारोपण जैसे अभियानों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो हरेला पर्व के दिन अवकाश भी घोषित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हरिद्वार में देह त्यागने वाले साधुओं की समाधि के लिए एक माह के भीतर भूमि की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति संतोषजनक रही है। अब तक 57 प्रतिशत घोषणायें पूर्ण हो चुकी है, हमारा लक्ष्य है कि सभी घोषणाओं को समय से पूर्ण कर लिया जाय। प्रदेश में 2045 डाक्टरों की तैनाती की जा चुकी है। 315 डाक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ कर दी जाएगी। किसानों की आय दोगुनी करने के लिये सिंचाई सुविधाओं के विकास एवं खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी प्रयास किये जा रहे है। रोजगार को बढ़ावा देने के लिये आर्थिक संसाधनों के विकास, हर घर नल योजना के तहत पेयजल की उपलब्धता एवं वन भूमि हस्तांतरण की समस्या भी सामने आई। इसके समाधान के लिये कार्ययोजना बनाने पर चर्चा हुई। पलायन रोकने के लिये रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में पहल की गई है। इसके लिये रूरल ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की जा रही है। अब तक 82 ग्रोथ सेंटर स्थापित किये जा रहे है। इसके लिये 112 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। प्रदेश में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। मंथन कार्यक्रम में विधायकों द्वारा अपने क्षेत्र से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों के संबंध में विस्तृत विचार रखे गए।


Leave a comment