Home उत्तराखंड न्यूज़ यूसीसी से महिला सशक्तिकरण के रूप में कुरीतियों को समाप्त करने का बल मिलाः सीएम
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यूसीसी से महिला सशक्तिकरण के रूप में कुरीतियों को समाप्त करने का बल मिलाः सीएम

पहलगाम की घटना को लेकर चारधाम पर कितना प्रभाव पड़ेगा? इसको लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सुरक्षा को लेकर है जिसके लिए सभी प्रावधान किए गए हैं। बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी है।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में शनिवार को विश्वविद्यालय और उत्तराखंड सरकार के साझा तत्वावधान में समान नागरिक संहिता पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।

इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने को लेकर जो उन्होंने जनता से वादा किया था, वो आज पूरा हो गया है। यूसीसी से महिला सशक्तिकरण के रूप में कुरीतियों को समाप्त करने का बल मिला है और जो न्याय प्रकिया में देरी होती थी, वह अब आसान होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि इससे मूल निवास प्रमाण पत्र मिल जाएगा, ऐसा संभव नहीं है। इसके अलावा मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह फैसला ऐतिहासिक निर्णय है।

मुख्यमंत्री ने मोहम्मद यूनुस के करीबी के पूर्वाेत्तर राज्यों पर चीन के कब्जे करने संबंधी बयान पर कहा कि आज का भारत सशक्त भारत है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में पूरी दुनिया का साथ मिल रहा है। ऐसे में कोई भी देश ऐसी गलती नहीं करने वाला है। गैर हिन्दुओं के देवभूमि में प्रवेश पर रोक पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में वेरिफिकेशन की मुहिम जारी रहेगी। ताकि किसी भी संदिग्ध की पहचान समय से हो सके।

लगातार यात्रा चल रही है। 2 मई को बाबा केदार के कपाट खुले हैं। 30 हजार से भी ज्यादा यात्रियों ने बाबा के दर्शन किए हैं। 4 मई को बदरीनाथ के कपाट खुलने जा रहे हैं। इस बार यात्रा पिछले सालों के मुकाबले बड़ी होगी। इसलिए यात्रा में किसी तरह की कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।

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