पहलगाम हमले का बदला लेते हुए भारत ने पाकिस्तान में लश्कर—ए—तैयबा, जैश—ए—मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। इन ध्वस्त किए गए ठिकानों में मसूद अजहर का अड्डा भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक बहावलपुर में मसूद अजहर के ठिकाने पर हुए हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं। भारतीय मिसाइल हमलों में मारे गए लोगों में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख की बड़ी बहन और उसका पति, एक भतीजा और उसकी पत्नी भी शामिल होने की खबर है।
भारतीय सशस्त्र बलों ने आज सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ संचालित किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया गया। ये ऐसे चिन्हित स्थान हैं, जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें निर्देशित किया गया। कुल मिलाकर, नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

भारत की यह कार्रवाई केंद्रित, नपी-तुली और बिना किसी उकसावे वाली रही है। इस दौरान, किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। भारत ने अपने लक्ष्यों के चयन और उन्हें निशाना बनाने में काफी संयम दिखाया है। ये कार्रवाई पहलगाम में हुए बर्बरता पूर्ण आतंकवादी हमले के जवाब में की गई। इस कायराना आतंकी हमले 25 भारतीय और नेपाल के एक नागरिक की हत्या कर दी गई थी। भारतीय सशस्त्र बल इस प्रतिबद्धता पर खरे उतर रहे हैं कि आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, रेजिस्टेंस फ्रंट नामक एक समूह ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि पहलगाम में आतंकी हमले में टीआरएफ के दहशतगर्दों ने जिस तरह से पर्यटकों की नृशंस हत्या की, उसके खिलाफ भारतीय सेना ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकी हमले के दो हफ्ते बाद आतंकवादियों और आतंकी संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।
इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि भारतीय सेना ने सटीक कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकाने पूरी तरह बर्बाद करने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। आम नागरिकों को नुकसान न हो, इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकी हमला करने वाले दहशतगर्दों के ठिकाने को भी नष्ट किया गया है।
कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने नेस्तनाबूद किए गए आतंकी ठिकानों की फोटो के साथ पूरा ब्यौरा साझा किया और बताया कि जिन नौ ठिकानों पर हमले किए गए, उसके पीछे भारतीय सेना का मकसद क्या था। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकी हमले के शिकार नागरिकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए किया गया। नौ ठिकानों की पहचान कर उन्हें बर्बाद किया गया। इन आतंकी ठिकानों में प्रशिक्षित दिया जाता था और यह आतंकियों के लॉन्च पैड थे।
वायुसेना अधिकारी-विंग कमांडर व्योमिका ने बताया कि यह ऑपरेशन रात 1.05 बजे से 1.30 बजे के बीच किया गया। उन्होंने कहा कि मुजफ्फराबाद का सवाईनाला कैंप पीओजेके के एलओसी से 30 किलोमीटर दूर है। यहां लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर था। सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम में आतंकी हमला करने वाले दहशतगर्दों ने यहीं ट्रेनिंग ली थी।


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