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सीडीएस जनरल बिपिन रावत की बेटियों के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जारी की 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की बेटियों कृतिका और तारिणी के लिए 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि जारी की है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत का 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए एक हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया था। इस हादसे में 12 अन्य सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद सभी सैन्यकर्मियों के लिए उनके गृहराज्य की सरकारों ने अलग-अलग घोषणाएं की थीं। लेकिन जनरल बिपिन रावत के परिवार के लिए किसी भी राज्य सरकार की ओर से किसी तरह की वित्तीय मदद की कोई घोषणा नहीं की गई थी। अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत की दोनों बेटियों के लिए अनुग्रह राशि का ऐलान किया है। इससे पहले, उन्होंने मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल का नाम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर किए जाने का ऐलान किया था।

8 जनवरी को हिल-मेल ने – उत्तराखंड के सपूत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के एक महीने बाद भी नहीं हुआ अनुग्रह राशि का ऐलान – शीर्षक से प्रकाशित खबर में उत्तराखंड के सपूत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के एक महीने बाद भी किसी राज्य सरकार द्वारा अनुग्रह राशि का ऐलान नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हिल-मेल की इस मुहिम का सम्मान रखते हुए सीडीएस रावत की दोनों बेटियों के लिए अनुग्रह राशि जारी किए जाने की घोषणा की है।

जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड के पौड़ी जिले से सैंण गांव से थे, लेकिन अभी तक उत्तराखंड सरकार की ओर से उनके परिवार के लिए किसी तरह की अनुग्रह राशि का कोई ऐलान नहीं किया गया है। राज्य सरकार ने देहरादून में बनने वाले सैन्य धाम के गेट का नाम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर करने की घोषणा की है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत का एक घर यूपी के नोएडा में है।

सीडीएस जनरल बिपिन रावत पर हिल-मेल की शॉर्ट फिल्म

‘दिल से फौजी और इंफैंट्री मैन थे, नोट्स बनाकर सीख रहे थे गढ़वाली’

मेरे पिता दिल से गोरखा फौजी और इंफैंट्री मैन थे। एक जनरल के तौर पर मेरे पिता को सभी जानते हैं लेकिन हमारी मां के योगदान के बारे में लोगों को बहुत कम पता है। हमें हर कार्यक्रम में मधु की बेटियों के तौर पर पहचाना जाता था।

  • कृतिका, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत की बड़ी बेटी

 

मेरे पिता गढ़वाली सीखने की कोशिश कर रहे थे। मुझे उनके बेड के पास रखी टेबल पर एक बुकलेट मिली। उन्होंने कुछ गढ़वाली शब्द लिख रखे थे। यह देखकर अच्छा लगा कि वह अपनी बोली को सीखने के लिए नोट्स बना रहे थे। वह गढ़वाली सीखने की कोशिश कर रहे थे। वहां एक पैड था, जिस पर उनके हाथ से लिखे नोट्स थे।

  • तारिणी, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत की छोटी बेटी

 

रैबार में सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष रूप से लिखा गया गीत

25 दिसंबर को ऋषिकेश में आयोजित रैबार कार्यक्रम के दौरान सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत को सुरमयी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उत्तराखंड की प्रख्यात लोकगायिका रेखा उनियाल धस्माना ने जनरल रावत के लिए विशेष तौर पर लिखा गया गीत पेश किया। इसे गाते हुए वह खुद भी भावुक हो गईं और दर्शनदीर्घा में बैठे कई लोगों की आंखे नम हो गईं। वहीं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान अर्जुन खेरियाल ने देशभक्ति गीतों के जरिये सीडीएस जनरल रावत को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उत्तराखंड पुलिस के म्यूजिक बैंड और आईटीबीपी के सैरेमोनियल बैंड ने इस सुरमयी श्रद्धांजलि को अपनी प्रस्तुतियों से खास बनाया।

रणबांकुरों की भूमि च या

फिर आलो क्वी बिपिन रावत

रण सजालो बैरी भगालो

फिर आलो क्वी बिपिन रावत

आंखों मां छन हमरा आंसू

गाथा या गौरव की च

जय प्रहरी जय उत्तराखंड

मातृभूमि बिपिन रावत की च

उतराखंड मा जनम लीनी

उतराखंड को लाल च,

गर्व हमथैं तुम पर भारी

तुम हमारो सरताज च

सैण गौं से निकली कि नेफा पहुंची

हिमालय की रक्षा करदू, बाटू-बाटू देखदि रै

त्वे जन फौजी, त्वे जना जनरल

मातृभूमि थें समर्पित रै

अंत बड़ो दुखदायी रै, अर जीवन साथी दगड़ा रै,

सात वचन, सात फेरा, साथ युग-युग कू निभै

अमर तेरी शान च, अर अमर तेरो नाम च

रण सजालो बैरी भगालो

फिर आलो क्वी बिपिन रावत

जय उतराखंड, जजय देवभूमि

जय सैंण गौउं, जय उतराखंड

जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद!

 

Written by
Hill Mail

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