उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद मुख्यालय में शनिवार को कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने संयुक्त रूप से परिणाम जारी किया। इस वर्ष भी प्रदेश के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर शिक्षा जगत में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
हाईस्कूल (कक्षा 10) में रामनगर के एमपी हिंदू इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोपाल ने 500 में से 491 अंक (98.20%) प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके विद्यालय बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। वहीं इंटरमीडिएट (कक्षा 12) में बागेश्वर की गीतिका पंत और ऊधमसिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने 490 अंक (98.00%) के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
हाईस्कूल में दूसरे स्थान पर एसवीएम इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी के ईशांत कोठारी और जीबी पंत जीआईसी खैरना, नैनीताल की भूमिका (बालिका वर्ग में टॉपर) रहे, जिन्होंने 490 अंक (98.00%) प्राप्त किए। तीसरे स्थान पर विवेकानंद इंटर कॉलेज मंडलसेरा, बागेश्वर के योगेश जोशी ने 489 अंक (97.80%) के साथ जगह बनाई।
इंटरमीडिएट में दूसरे स्थान पर ऋषिकेश, देहरादून के आर्यन ने 489 अंक (97.80%) हासिल किए, जबकि हरिद्वार की वंशिका ने 485 अंक (97.00%) के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस वर्ष हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 92.10% रहा, जबकि इंटरमीडिएट का पास प्रतिशत 85.11% दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि इस बार भी छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। हाईस्कूल में 96.08% छात्राएं उत्तीर्ण हुईं, जबकि 88.03% छात्र सफल रहे। वहीं इंटर में 88.09% छात्राएं और 81.93% छात्र पास हुए।
जिला स्तर पर बागेश्वर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों परीक्षाओं में पहला स्थान प्राप्त किया। यहां हाईस्कूल का परिणाम 96.98% और इंटर का 94.81% रहा। पिथौरागढ़ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि देहरादून अपेक्षाकृत पीछे रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार मेधावी छात्रों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
परिणाम घोषित होने के बाद शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने टॉपर अक्षत गोपाल से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी और बाद में उनके घर जाकर मिठाई खिलाकर सम्मानित भी किया। यह क्षण छात्र और उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड बोर्ड का यह परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे निरंतर सुधार को भी दर्शाता है।







