नवोदित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट के दौरान नीति और नेलांग घाटी को इनरलाइन प्रतिबंध से हटाने का अनुरोध किया। दोनों नेताओं के बीच राज्य से संबंधित कई मुद्दों पर भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत राज्य सरकार की तैयारियों, चार धाम यात्रा, कांवड़ यात्रा पर भी विचार-विमर्श किया।
सीएम धामी ने अमित शाह से कहा कि उत्तराखंड से नेपाल तथा चीन की सीमा लगी है, जहां स्थित गांव दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति तथा आर्थिक अवसरों की कमी के कारण वीरान हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में इनरलाइन प्रतिबंध हटाए जाने से पर्यटन के अपार अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से पलायन रूकेगा। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर सीमा प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से चमोली जिले के नीति घाटी और उत्तरकाशी के नेलांग घाटी ( जाडूंग गांव) को इनरलाइन प्रतिबंध से हटाए जाने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखंड राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मेलों/पर्वों पर तैनात होने वाले केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती/व्यवस्थापन पर होने वाले व्यय को पूर्वोत्तर राज्यों/विशेष श्रेणी के राज्य की तरह केंद्र तथा राज्य के बीच 90:10 के अनुपात में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की जाए।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों के दृष्टिगत उत्तराखंड राज्य में समय-समय पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के फलस्वरूप लंबित देय धनराशि 47.29 करोड़ को अपडेट लेट फीस के साथ छूट प्रदान करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक आपदा की अत्यधिक संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण बिदुं राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को संदर्भित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य के लिए 02 एयर एंबुलेंस, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में आपदा प्रबंधन शोध संस्थान की स्थापना, आपदा प्रभावित गांवों का विस्थापन SDRF निधि के अंतर्गत मंजूर किए जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किए जाने हेतु स्थायी व्यवस्था स्थापित करने का अनुरोध किया।


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