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उत्तराखंड भर्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार हुई सख्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शासकीय कार्य प्रणाली के साथ ही विभिन्न स्तरों पर होने वाले भ्रष्टाचार एवं गलत कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त हो यह हम सबका नैतिक दायित्व भी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शासकीय कार्य प्रणाली के साथ ही विभिन्न स्तरों पर होने वाले भ्रष्टाचार एवं गलत कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त हो यह हम सबका नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के मूल मंत्र को हमें आत्मसात करना होगा। यह हमारे कार्य व्यवहार का हिस्सा बनेगा तो भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की राह भी प्रशस्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये टोल फ्री नंबर 1064 को आम जनता के हित में और अधिक उपयोगी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने में जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं आम नागरिकों को भी सहयोगी बनाये जाने पर बल दिया है। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को रोकने और घूसखोरी जैसे मामलों की रोकथाम में राज्य सतर्कता इकाइयों के प्रयासों की सराहना की। कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल की शिकायतों की जांच आदि में भी सतर्कता इकाई के जरिए प्रभावी प्रयास किए गए हैं। अधीनस्थ चयन सेवा आयोग और लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हुई नकल की शिकायतों की त्वरित जांच कर 55 लोगों को जेल में भेजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त सतर्कता इकाई देहरादून और हल्द्वानी ने गत वर्ष 14 कार्मिकों को कदाचार के मामले में रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार किया गया। जबकि आय से अधिक मामलों और निर्माण कार्यों में बरती गई अनियमिताओं की भी तत्परता से जांच कर दोषियों को सजा दिलाने का कार्य किया है।

सरकारी नौकरी की गड़बड़ी को लेकर सरकार सख्त

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमने जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति का अनुसरण कर नकल माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही का निर्णय लिया है। राज्य कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस कानून को इतना सख्त बनाया जायेगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोच भी नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं का हक मारने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नकल माफियाओं के लगातार सक्रिय रूप से तैनात होने और परीक्षा पेपर को लीक आउट कराए जाने से परीक्षा देने वाले अन्य अभ्यर्थी, जो दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इन्ही तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अब निर्णय लिया गया है कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, देहरादून के जरिए भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं से पूर्व अभिसूचना इकाई को सक्रियता से तैनात किया जाय, ताकि ऐसी पुनरावृत्ति न हो पाए।

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Hill Mail

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