Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून उत्तराखंड के जंगलों में विकराल हुई आग, कार्बेट पार्क पर भी संकट, गृह मंत्री अमित शाह ने NDRF की टीमें और हेलीकॉप्टर भेजे
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़

उत्तराखंड के जंगलों में विकराल हुई आग, कार्बेट पार्क पर भी संकट, गृह मंत्री अमित शाह ने NDRF की टीमें और हेलीकॉप्टर भेजे

उत्तराखंड में लगी भीषण आग में एक ही दिन में 62 हेक्टेयर जंगल खाक हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बीते 30 घंटों में 40 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई। वनाग्नि से निपटने के लिए 12 हजार वनकर्मी और फायर वाचर आग बुझाने के लिए तैनात किए गए हैं। उधर, आग की घटनाओं को लेकर सभी डीएफओ और वन संरक्षकों को क्षेत्र में रहने का निर्देश जारी किया गयै है। वन अफसरों और कर्मचारियों को आसानी से छुट्टी भी नहीं मिलेगी। उधर, सीएम तीरथ सिंह रावत ने आपात बैठक बुलाई है।

आशंका जताई जा रहा है कि तापमान बढ़ने से बांज के जंगलों तक ये आग पहुंच सकती है। कार्बेट नेशनल पार्क तक खतरा बढ़ गया है। शनिवार को रामनगर वन प्रभाग के मोहान के पास जंगल में आग लगी थी जो फैलती ही चली गई। सावल्दे, हल्दुआ और काशीपुर रेंज के जंगल जल गए हैं। यह इलाके कार्बेट पार्क से सटे हैं। कर्मचारी अलर्ट पर है। ड्रोन को भी तैनात किया गया है।

ऐक्शन में केंद्रीय गृहमंत्री शाह, NDRF की टीमें भेजीं

उधर, जंगलों में लगी आग पर चिंता जताते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से बात कर जानकारी ली। आग पर काबू पाने और जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने तुरंत NDRF की टीमें और हेलीकॉप्टर उत्तराखंड सरकार को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं।

सीएम तीरथ ने बताया है कि वनों की आग से न सिर्फ वन संपदा की हानि हो रही है बल्कि जन हानि और वन्य जीवों को भी नुक़सान हो रहा है। वनाग्नि की घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों, वन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और सभी ज़िलाधिकारियों की आपातक़ालीन मीटिंग बुलाई है।

उन्होंने कहा, उत्तराखंड की वन संपदा सिर्फ़ राज्य ही नहीं पूरे देश की धरोहर है। हम इसे सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए कृत संकल्प हैं। उत्तराखंड में इस बार जाड़ों में वर्षा सामान्य से भी कम हुई है और इस कारण भी वनों में आग लगने की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं।उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग में काफी नुकसान हुआ है। चार लोगों की मौत की भी खबर है। राज्य सरकार की ओर से केंद्र से मदद मांगी गई है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles