Saturday , 5 September 2026
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ई-रैबार: पहाड़ के गायकों ने उठाई आवाज- बात गढ़वाली या कुमाउंनी की नहीं, पूरे उत्तराखंड की हो

हिल मेल के ई-रैबार में 10 मई को संडे स्पेशल में उत्तराखंड से ताल्लकु रखने वाले कई गायकों (uttarakhand song) ने शिरकत की। गायक पवनदीप राजन, गायक एवं गीतकार बीके सामंत, गायक गौरव पांडे और गायक अनूप असवाल ने समा बांध दिया। मॉडरेटर की भूमिका में आरजे काव्य थे। पहाड़ी कलाकारों (uttarakhand singer) ने अपनी बोली में गीतों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। हिल मेल के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लाइव देख रहे पहाड़ के लोगों ने अपनी फरमाइश पर भेजी, जिसे कलाकारों ने पूरा किया। इस दौरान कलाकारों ने एक दिल को छू लेने वाली बात कही।

अनूप असवाल ने अपने बैंड के बारे में बताते हुए कहा कि हमें यह देखकर तकलीफ होती थी कि पहाड़ के लोग कुमाउंनी की बात करता है या गढ़वाली की बात करता है पर पूरे उत्तराखंड की बात नहीं करता है। ऐसे में हमने एक गीत इस पर बनाया जो काफी चर्चित हुआ। उन्होंने उस गीत ‘गढ़ कुमाऊं…’ को गुनगुनाया भी।

उन्होंने कहा कि किसी भी बैंड के लिए राइटर का होना बहुत जरूरी है क्योंकि आप अपनी फीलिंग तब तक किसी को बता नहीं पाओगे जब तक उसमें कुछ ऐसा लिखा हुआ न हो।

उत्तराखंड के संगीत को लेकर गौरव ने कहा कि रीक्रिएशन तो अपनी जगह ठीक है पर कोशिश ये होनी चाहिए हम कुछ नया बनाएं। अपडेट और अपग्रेड होने चाहिए तभी लोग उसे याद रखते हैं। पवनदीप ने गाया, ‘प्यारी जनमभूमि, मेरे पहाड़ा..’ तो शो में जुड़े सभी कलाकार भी गुनगुनाने लगे। गीत के बोल पर बात हुई तो पवन ने कहा कि अच्छे बोल का होना बहुत जरूरी है क्योंकि लोग बोल से ही गीतों को याद रखते हैं। पवनदीप ने कहा कि घर में बैठे ही मोबाइल की मदद से वीडियो बना रहे हैं फिर आगे लॉकडाउन खुलने पर उसे पूरा किया जाएगा।

बीके सामंत ने कहा कि कोरे कागज पर बहुत चीजें लिखनी पड़ती हैं, पढ़ना पड़ता है, समझना पढ़ता है और तब जाकर गाना बनता है। सभी कलाकारों ने उत्तराखंड के गीत-संगीत को लेकर भरोसा जताया कि इसमें आगे अपार संभावनाएं हैं और लोग पसंद कर  रहे हैं। यह आगे और तेजी से बढ़ेगा।

पूरा शो देखने के लिए आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें…

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Hill Mail

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