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पासपोर्ट सत्यापन में उत्तराखंड पुलिस का देशभर में डंका, मिला राष्ट्रीय सम्मान

उत्तराखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित "इंस्टीट्यूशनल परफॉर्मेंस अवार्ड फॉर स्टेट पुलिस" से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उत्तराखंड पुलिस की ओर से एडीजी प्रशासन एपी अंशुमान को प्रदान किया।

इस उपलब्धि के बाद पूरे पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उत्तराखंड पुलिस को इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार पुलिस की दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक हितों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस लगातार आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर सेवाओं को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है।

नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू भवन में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद यह सम्मान प्रदान किया गया। पासपोर्ट सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य में उत्तराखंड पुलिस ने जिस गति और गुणवत्ता के साथ कार्य किया, उसने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल कायम की है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड पुलिस ने वर्ष 2025 के दौरान कुल 1,98,077 पासपोर्ट आवेदनों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया। वहीं वर्ष 2026 में अप्रैल माह के अंत तक ही 70,095 आवेदनों का सत्यापन पूरा कर लिया गया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य पुलिस न केवल निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य कर रही है, बल्कि तेजी और सटीकता के साथ नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सफल रही है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने इस उपलब्धि को पूरे पुलिस बल की सामूहिक मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। विभाग का लक्ष्य केवल आवेदनों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को त्वरित और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना रहा है।

डीजीपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर सभी जिलों में पासपोर्ट सत्यापन कार्यों की नियमित समीक्षा की गई। इसके साथ ही तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया गया, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आई। अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण सत्यापन निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग और पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता की संस्कृति ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑनलाइन मॉनिटरिंग, डेटा प्रबंधन और जवाबदेही की मजबूत व्यवस्था के कारण उत्तराखंड पुलिस ने कम समय में बड़ी संख्या में आवेदनों का निस्तारण कर नागरिकों का विश्वास भी जीता है।

पासपोर्ट सत्यापन किसी भी देश की सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सेवाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसमें आवेदक की पहचान, पते और अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन किया जाता है। ऐसे में समय पर और सटीक सत्यापन न केवल नागरिकों को राहत देता है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। उत्तराखंड पुलिस ने इस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता और दक्षता के साथ निभाया है।

राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन किया। पर्वतीय क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर सत्यापन कार्य पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं होता, लेकिन पुलिस टीमों ने अपनी कार्यनिष्ठा से इसे संभव बनाया।

राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस के लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा भी है। यह उपलब्धि साबित करती है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति, तकनीकी नवाचार और जनसेवा का समन्वय होता है, तब उत्कृष्ट परिणाम सामने आते हैं।

पासपोर्ट सत्यापन में मिला यह राष्ट्रीय सम्मान आज उत्तराखंड पुलिस की मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली की पहचान बन गया है। इससे न केवल प्रदेश का गौरव बढ़ा है, बल्कि देशभर में उत्तराखंड पुलिस की एक सकारात्मक और भरोसेमंद छवि भी मजबूत हुई है।

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Hill Mail

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