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उत्तराखंड बाढ़ में 50 से ज्यादा मौतें, CM धामी बोले- मैं साथ खड़ा हूं, खुद को अकेला न समझें

उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से बाढ़, बारिश और भूस्खलन ने कोहराम मचा रखा है। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से न घबराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

धामी ने कहा- खुद को अकेला न समझें
सीएम धामी लगातार प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं। उन्होंने आज भी उधम सिंह नगर एवं नैनीताल में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने दौरे की कई तस्वीरें शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा कि राज्य के नागरिकों की सुरक्षा मेरी पहली प्राथमिकता है। इस संकट की घड़ी में कोई भी नागरिक खुद को अकेला ना समझे, मैं आपका सेवक हूं और यह सेवक हर परिस्थिति में आपके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ा है।

गोला पुल क्षतिग्रस्त होने से दिक्कत
सीएम ने आज सर्किट हाउस काठगोदाम में जनसमस्याएं सुनीं। आपदा से क्षतिग्रस्त हुए गोला पुल की वजह से नागरिकों को आवागमन में दिक्कत ना आए, इसके मद्देनज़र क्षतिग्रस्त एर्पोच वॉल का निर्माण 15 दिन के भीतर प्रारम्भ कर दिया जाएगा।

सीएम ने की यह अपील
सीएम धामी ने चारधाम यात्रियों से एक बार फिर अपील की है कि वे जहां हैं, वहीं रुक जाएं और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू न करें। उन्होंने चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के जिलाधिकारियों से चारधाम यात्रा मार्ग पर फंसे तीर्थयात्रियों की देखभाल करने का निर्देश दिया है।

इस आपदा में 28 लोग नैनीताल जिले में मारे गए हैं। छह-छह लोगों की मौत अल्मोड़ा एवं चंपावत जिलों में और एक-एक व्यक्ति की मौत पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिले में हुई है। सीएम धामी ने बारिश से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित लोगों से बातचीत की। क्षति का आकलन किया जा रहा है।

उन्होंने राज्य में पिछले दो दिनों में वर्षाजनित घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की है।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया है कि नैनीताल में काठगोदाम और लालकुआं तथा उधमसिंह नगर के रुद्रपुर में सड़कें, पुल और रेलवे पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन पटरियों की मरम्मत में चार से पांच दिन लग सकते हैं।

एनडीआरएफ के जवान लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 300 से ज्यादा लोगों को बचाया है। एनडीआरएफ ने राज्य में 17 दल तैनात किए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों खासकर कुमाऊं क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कई घर धराशायी हो गए।

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Hill Mail

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