उत्तराखंड में पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तरकाशी में बादल फटने से 3 लोगों की जान चली गई। आज यानी सोमवार, 19 जुलाई को दून समेत चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 50 संपर्क मार्ग बंद है और नदियों में अचानक ज्यादा पानी आने से वे खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने आशंक जताई है कि अगले 24 घंटे बारिश के लिहाज से भारी गुजर सकते हैं। जी हां, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, हरिद्वार में भारी बारिश के आसार हैं।
उत्तरकाशी के इस गांव में बादल फटने से तबाही, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, कई अब भी लापता
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को भी अलर्ट कर दिया है। 24 घंटे में देहरादून में 132 मिमी बारिश हुई है। कई जगहों पर जलभराव हो गया है। नैनीताल में 24 घंटे में 187 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों में भूस्खलन की घटनाएं पता चली हैं। कई जिलों में पहाड़ से चट्टान टूटकर गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोल्डर गिरने से यातायात कई घंटे तक बाधित रहा। पिथौरागढ़ में थल-मुनस्यारी मार्ग पर यातायात 6 घंटे बंद रहा। इस बीच, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ में हेलिकॉप्टर तैनात कर दिया है जिससे आपदा की स्थिति में जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।
यलो अलर्ट लोगों को आगाह करने के लिए जारी किया जाता है। यह एक तरह अलर्ट का सिग्नल है। इसका मतलब होता है कि खतरा है, सतर्क रहें। जैसे-जैसे मौसम खराब होता जाता है, येलो अलर्ट को अपडेट करके ऑरेंज अलर्ट कर दिया जाता है।


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