पूर्वी भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित पर्यटन व्यापार मंच ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) कोलकाता में उत्तराखंड ने इस वर्ष अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। तीन दिवसीय आयोजन के पहले दिन उत्तराखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड पर्यटन पवेलियन का विधिवत फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की पर्यटन संभावनाओं, नई नीतियों और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं को देश-विदेश से आए ट्रैवल ट्रेड प्रतिनिधियों के सामने रखा।
TTF कोलकाता में उत्तराखंड TTF कोलकाता भारतीय पर्यटन उद्योग का एक प्रमुख बी-टू-बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) मंच माना जाता है, जहां विभिन्न राज्यों, पर्यटन कंपनियों, होटल समूहों और ट्रैवल एजेंसियों के बीच व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा दिया जाता है। ऐसे में उत्तराखंड की भागीदारी राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि के रूप में निभाई अहम भूमिका
सतपाल महाराज ने इस अवसर पर केवल पर्यटन मंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े सभी हितधारकों के प्रतिनिधि के रूप में भी भागीदारी की। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर राज्य की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम है। राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख माध्यम बनाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है।
29 हितधारकों को मिला व्यापार बढ़ाने का अवसर
इस बार उत्तराखंड से पर्यटन उद्योग के 29 हितधारकों ने TTF कोलकाता में भाग लिया। इनमें होटल व्यवसायी, टूर ऑपरेटर, होमस्टे संचालक और अन्य पर्यटन सेवा प्रदाता शामिल हैं।
यह मंच इन सभी प्रतिभागियों को पूर्वी भारत तथा देश-विदेश के प्रमुख ट्रैवल ट्रेड बायर्स के साथ सीधे संवाद स्थापित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से राज्य में पर्यटन निवेश बढ़ने के साथ-साथ नए पर्यटन पैकेज, होटल बुकिंग, ट्रैवल साझेदारी और व्यावसायिक अवसरों को भी बढ़ावा मिलता है।
उत्तराखंड को नई पहचान दिलाने पर सरकार का फोकस
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि आज देवभूमि उत्तराखंड केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि साहसिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, इको टूरिज्म और अन्य विशेष पर्यटन गतिविधियों के कारण देश-दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन और आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजनों के माध्यम से सीमावर्ती गांवों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
नई नीतियों से मिलेगा पर्यटन उद्योग को बल
सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति और पर्यटक गाइड पोर्टल जैसी पहलें राज्य के पर्यटन उद्योग को नई दिशा दे रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना, होमस्टे संस्कृति को प्रोत्साहन देना और पर्यटकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि TTF कोलकाता जैसे मंच उत्तराखंड को पूर्वी भारत के बड़े पर्यटन बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां बनने वाले व्यावसायिक संबंध भविष्य में राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और पर्यटन उद्योग को नई गति देने में सहायक साबित होंगे।
12 जुलाई तक जारी रहेगा आयोजन
उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के उप निदेशक प्रकाश सिंह खत्री, विभागीय अधिकारी, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि तथा पश्चिम बंगाल पर्यटन सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
TTF कोलकाता का यह तीन दिवसीय आयोजन 10 से 12 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान उत्तराखंड पर्यटन पवेलियन में राज्य के धार्मिक, साहसिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ग्रामीण पर्यटन से जुड़ी विशेषताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही ट्रैवल ट्रेड प्रतिनिधियों, निवेशकों और मीडिया को उत्तराखंड की नई पर्यटन नीतियों एवं निवेश संभावनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।
पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड न केवल पूर्वी भारत के पर्यटन बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य में पर्यटकों की संख्या, पर्यटन निवेश और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।








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