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40वें भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने की शिरकत

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 40वें भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तराखंड दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं उत्तराखंड पैवेलियन में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पर्यटन, तीर्थाटन, धार्मिक मेले एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर हंसध्वनि थियेटर में उत्तराखंड के कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। सांस्कृतिक सन्ध्या के माध्यम से राज्य की विशिष्ट संस्कृति का अवलोकन विभिन्न क्षेत्रों से आये दर्शकों द्वारा किया गया।

कोविड-19 के पश्चात् प्रथम बार आयोजित हो रहे भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजित करने के लिए कृतसंकल्प है। राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार कर अधिकाधिक निवेश आकर्षित करने की दिशा में सरकार निरन्तर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एकल खिड़की व्यवस्था के अन्तर्गत उद्योगों को निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रकार की स्वीकृतियां तथा अनापत्तियां प्रदान किए जाने हेतु एकल खिड़की अधिनियम लागू किया गया है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस कार्यक्रम में राज्य देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों के साथ शीर्ष राज्यों में सम्मिलित है। एक ओर जहां बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य के युवाओं विशेषकर कोविड-19 से प्रभावित राज्य के प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनों स्वरोजगार योजना लागू की गयी है।

उन्होंने कहा कि हरित प्रदेश की अवधारणा को मूर्त रूप देने में सरकार सतत् प्रयत्नशील है और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लागू की गयी है। राज्य के समस्त जनपदों के पोटेंशियल को देखते हुए एक जनपद दो उत्पाद योजना लागू की गयी है, जिससे राज्य के विशिष्ट उत्पाद राष्ट्रीय तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करने में सफल होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य की राष्ट्रीय तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान है। राज्य सरकार राज्य में प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के अतिरिक्त ‘13 जनपद, 13 नए गन्तव्य’ के अन्तर्गत तीव्रता से कार्य कर रही है। बुनियादी ढांचे के अन्तर्गत राज्य में रेल लाईन, वायु सेवा तथा राजमार्गां के निर्माण के क्षेत्र में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले की थीम है – आत्मनिर्भर भारत और राज्य सरकार इसी तर्ज पर आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में निरन्तर कार्य कर रही है। इस वर्ष भारत अन्तर्राट्रीय व्यापार मेले में बिहार साझेदार राज्य के रूप में तथा उत्तर प्रदेश फोकस राज्य के रूप में प्रतिभाग कर रहा है। प्रगति मैदान के हॉल नंबर 4 में चल रहे उत्तराखंड पैवेलियन में इस वर्श हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के तत्वाधान में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के कुल 34 स्टॉल लगे हैं।

इस मेले का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के शिल्प आधारित सोवेनियर उत्पाद हैं। जिन्हें उत्तराखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम् उद्यम विभाग द्वारा विस्तृत स्तर पर शोध एवं भ्रमण कर राज्य के परम्परागत शिल्प को आधुनिक बाजार की मांग तथा रोजगारोन्मुखी बनाने का प्रयास किया गया है। सरकारी विभागों में पर्यटन, हिमाद्रि, हिलांस, बैम्बू बोर्ड, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, ग्राम विकास एवं सिडकुल मुख्य रूप से प्रतिभाग कर रहे हैं। हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पाद, बाल मिठाई, पहाड़ी दालें, मसाले तथा जड़ी-बूटियां, शहद, बैम्बू, प्राकृतिक रेशा रामबॉस तथा भीमल से बने उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एसएस संधू, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग रोहित मीणा, निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल, उप निदेशक उद्योग शैली डबराल, उप निदेशक, राजेन्द्र कुमार, मेलाधिकारी केसी चमोली, प्रदीप सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।

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Hill Mail

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