उत्तराखंड की होनहार एथलीट और ओलंपियन अंकिता ध्यानी ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंकिता ने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि सितंबर में जापान में आयोजित होने वाले 20वें एशियन गेम्स के लिए भी क्वालिफाई कर लिया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है और खेल प्रेमियों ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है।
भुवनेश्वर के प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम में 24 से 28 जून तक आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता ध्यानी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 मिनट 44.5 सेकंड का समय निकाला और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियन गेम्स के लिए निर्धारित क्वालिफिकेशन मानक भी हासिल कर लिया।
अंकिता का शानदार प्रदर्शन केवल एक स्पर्धा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने महिला 1500 मीटर दौड़ में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 4 मिनट 20.78 सेकंड का समय निकाला और रजत पदक अपने नाम किया। एक ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी निरंतरता, फिटनेस और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया।
उत्तराखंड एथलेटिक्स संघ के सचिव केजेएस कलसी ने बताया कि अंकिता ध्यानी का एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अंकिता लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और आने वाले समय में उनसे और भी बेहतर उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने कुल पांच पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। प्रदेश ने एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक हासिल करते हुए राष्ट्रीय पदक तालिका में दसवां स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड में एथलेटिक्स के क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और उचित मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर, देहरादून की एथलीट सोनिया ने महिला 10 हजार मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। वहीं चंपावत के प्रतिभाशाली खिलाड़ी सचिन बोहरा ने 21 किलोमीटर वॉक रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। हरिद्वार की धाविका लिली ने महिला 800 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर उत्तराखंड के पदकों की संख्या बढ़ाई।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अंकिता ध्यानी का प्रदर्शन आगामी एशियन गेम्स के लिए भारत की उम्मीदों को भी मजबूत करेगा। स्टीपलचेज जैसी कठिन स्पर्धा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें तेज गति के साथ बाधाओं और वाटर जंप को पार करना पड़ता है। ऐसे में अंकिता का स्वर्ण पदक जीतना उनकी बेहतरीन तैयारी और कड़ी मेहनत का प्रमाण है।
अंकिता ध्यानी लंबे समय से भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। पर्वतीय क्षेत्र से आने वाली अंकिता आज प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि प्रतिभा के साथ मेहनत और समर्पण जुड़ जाए तो किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उत्तराखंड सरकार और खेल विभाग भी लगातार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। हाल के वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, शूटिंग और अन्य खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर राज्य की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है।
अंकिता ध्यानी की एशियन गेम्स के लिए हुई क्वालिफिकेशन से उत्तराखंड के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। अब प्रदेशवासियों की निगाहें सितंबर में जापान में होने वाले 20वें एशियन गेम्स पर टिकी हैं, जहां अंकिता भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतने का प्रयास करेंगी। उनकी यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती रहेगी।








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