Home उत्तराखंड न्यूज़ गांव की भूमि नीलामी के विरोध में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर दिया धरना
उत्तराखंड न्यूज़टिहरीसरोकारस्पेशल

गांव की भूमि नीलामी के विरोध में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर दिया धरना

टिहरी बांध झील के निकट स्थित रामगांव और बौर गांव की पंचायती एवं सरकारी भूमि की प्रस्तावित नीलामी के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नीलामी प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई।

ग्रामीणों का कहना है कि थौलधार ब्लॉक के अंतर्गत रामगांव और बौर गांव की लगभग 79 नाली भूमि की नीलामी के लिए निविदा जारी की गई है। इस फैसले से क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि जिस भूमि को नीलाम करने की तैयारी की जा रही है, वह वर्षों से ग्रामीणों की सामूहिक धरोहर रही है और भविष्य में सार्वजनिक उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नीलामी के विरोध में इससे पहले गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया था, जिसमें सर्वसम्मति से भूमि बेचने के प्रस्ताव का विरोध किया गया। महापंचायत के निर्णय के बाद सोमवार को क्षेत्र के विभिन्न गांवों से लोग एकजुट होकर ढ़ाईजर से जुलूस की शक्ल में नई टिहरी पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने “आवाज दो, हम एक हैं” और “ग्राम पंचायत की जमीन नहीं बिकने देंगे” जैसे नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया।

धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और ग्रामीण हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि सरकार ग्राम पंचायतों की जमीन बेचकर ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकारों और हितों पर कुठाराघात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत भूमि की नीलामी का उद्देश्य बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना है, जिसे क्षेत्र की जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

विधायक ने कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं और स्थानीय जरूरतों को नजरअंदाज कर लिए जा रहे निर्णय भविष्य में गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नीलामी प्रक्रिया वापस नहीं ली तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

पूर्व उप प्रमुख कुलदीप पंवार ने कहा कि रामगांव और बौर गांव की लगभग 1.577 हेक्टेयर भूमि केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीणों की साझा संपत्ति और सांस्कृतिक विरासत है। उनका कहना था कि इस भूमि का उपयोग भविष्य में सामुदायिक कार्यों, सार्वजनिक सुविधाओं और विकास योजनाओं के लिए किया जा सकता है। ऐसे में इसे निजी हाथों में सौंपना जनहित के खिलाफ होगा।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में मांग की कि 79 नाली भूमि की नीलामी के लिए जारी निविदा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों की सहमति के बिना किसी भी सार्वजनिक भूमि को नीलाम न करने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

धरने और प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला, प्रधान संगठन अध्यक्ष युद्धवीर सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य शीशपाल राणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुरारीलाल खंडवाल, यूकेडी जिलाध्यक्ष डीडी पंत, अतर सिंह तोमर, मूर्ति सिंह नेगी, प्रदीप रमोला, डॉ. प्रमोद उनियाल, महीपाल नेगी, अनूप बिष्ट, नरेंद्र सिंह, रोबिन राणा तथा प्रधान मीनाक्षी कैंतुरा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों का कहना है कि यह लड़ाई केवल जमीन बचाने की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों और गांव की सामूहिक पहचान को सुरक्षित रखने की है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...