अभी एक दिन पहले चमोली जिले की दुमुक गांव की दीक्षा देवी पत्नी दीपक सिंह को अचानक परसव पीड़ा होने लगी तो गांव वालों की मदद से उन्हें 18 किलोमीटर पैदल चलकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अगर इस गांव के लोगों का सही समय पर साथ नहीं मिलता तो इस परिवार में आफत आ सकती थी, लेकिन सब गांव वालों ने मदद से उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया गया।
गौरतलब रहे कि दुमक गांव जो आज भी सड़क व स्वास्थ संचार सुविधाओं से वंचित हैं जहां लोग आज भी 18 किलोमीटर पैदल चलकर मरीज को रोड़ तक पहुंचाते हैं कई बार तो मरीज को अस्पताल ले जाते समय ही वह रास्ते में ही दम तोड़ देता है।
कुछ समय पहले कुमारी लीला सनवाल को अस्पताल ले जाते समय उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया था। अगर इस गांव में रोड़ और अस्पताल नजदीक होता तो शायद लीला सनवाल आज हमारे बीच होती। वहां के लोगों का कहना है कि यहां पर आज भी लोग गाय भैंस की तरह जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हैं।
जिन गांवों में आज भी सड़क और स्वास्थ्य की बहुत कमी है हमारी सरकार को ऐसे इलाकों की ओर ध्यान देना होगा जिससे कि आने वाले समय में दोबारा से ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो।


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