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शादी की खुशियां बनी मातम: बारात ले जाते समय दर्दनाक हादसे में कई जिंदगियां खत्म, गांव में पसरा सन्नाटा

किलौटा गांव में जिस घर में शादी की शहनाई गूंजने वाली थी, वहां अचानक मातम छा गया। बारात लेकर जा रहे वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए। खुशियों के बीच आए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। परिवारों में रोना-धोना मचा है और खुशी का माहौल पल भर में मातम में बदल गया।

गणाई-गंगोली (पिथौरागढ़) के किलौटा गांव की वो रात किसी भी परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोची होगी। जिस घर में शादी की रस्में चल रहीं थीं, जिस आंगन में मेहंदी, गीत, हंसी और शहनाई की धुनें गूंज रही थीं, उसी घर में कुछ ही घंटों बाद मातम छा गया। एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियों पर ऐसा ग्रहण लगाया कि पूरा गांव सदमे में डूब गया। शादी के लिए बारात रवाना हुई थी। परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग उत्साह में भरे हुए थे। लेकिन रास्ते में अचानक वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। चीख-पुकार, अंधेरा और दहशत… पलक झपकते ही खुशी का माहौल दुःख में बदल गया।

इस हादसे में चेतन चोबे (24), राजेश जोशी (40), धीरेज उनियाल (35), देवी दत्त पांडे (39) और भावन चोबे की मौके पर ही मौत हो गई। ये सभी बारात में शामिल होने जा रहे थे और परिवार के बेहद करीब थे। उनकी अचानक मौत ने उनके घरों में कोहराम मचा दिया। छह साल के मासूम बेटे के पिता चेतन की मौत से उसकी पत्नी और परिवार की दुनिया ही उजड़ गई। राजेश जोशी और अन्य मृतकों के घरों में मातम पसरा है।

हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए—चेतन चोबे (05), श्रीचंद चोबे, निवासी पनार, देवकी पांडे, सतेंद्र चंद, अक्षय उनियाल, और 12 वर्षीय शिवानी। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और कुछ की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।

बारात की गाड़ियाँ जैसे ही खाई के पास पहुँचीं, अचानक वाहन असंतुलित हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुँचाया। गांव में मदद के लिए लोग रातभर मौके पर डटे रहे। दुल्हन पक्ष में भी यह दुखद खबर पहुंचते ही मातम मच गया। जिस घर में दूल्हा-दुल्हन के स्वागत की तैयारी थी, वहाँ अब सन्नाटा फैला है। रिश्तेदार और गांव वाले स्तब्ध हैं। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार, बल्कि पूरे गांव की खुशियों को छीन लिया। माता-पिता अपने बेटों का चेहरा देखकर बेसुध हो रहे हैं। बच्चों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। गांव में हर कोई यही कह रहा है “कल तक ये सब हंस रहे थे, बातें कर रहे थे… किसे पता था कि आज इनका शव घर आएगा।”

हादसे की वजह का पता लगाया जा रहा है, लेकिन इतना तय है कि इस दर्दनाक घटना ने कई जिंदगियों को हमेशा के लिए बदल दिया है। किलौटा गांव में आज भी मातम पसरा हुआ है और हर घर से एक ही आवाज आ रही है “भगवान ऐसा वक्त किसी पर न लाए।”

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Hill Mail

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