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चालखाल से दूर किया जल संकट, पौड़ी के सच्चिदानंद भारती की पीएम ने ‘मन की बात’ में की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में पौड़ी गढ़वाल के सच्चिदानंद भारती का जिक्र किया। पीएम ने बताया कि कैसे सच्चिदानंद जी ने पारंपरिक तरीके ‘चालखाल’ से उस क्षेत्र में जल संकट को दूर किया।

जैसे ही पीएम ने उनका जिक्र किया सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा होने लगी। केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने लिखा कि एक आदर्श शिक्षक स्वयं को शिक्षण तक ही सीमित नहीं रखता बल्कि अपने दूसरे सेवाभावी कार्यों से भी समाज के लिए मिसाल प्रस्तुत करता है। आज PM नरेंद्र मोदी जी के कार्यक्रम #MannKiBaat में देवभूमि उत्तराखंड के ऐसे ही सेवानिवृत्त सेवाभावी शिक्षक श्री सच्चिदानंद भारती जी भी शामिल थे।

पढ़िए सच्चिदानंद भारती के बारे में

गढ़वाल में जल और जंगल के संरक्षण के लिए काम कर रहे प्रख्यात पर्यावरणविद सच्चिदानंद भारती कहते हैं कि जल, जंगल और जमीन के साथ प्रकृति हमारे जीवन का आधार है। इनके द्वारा पौड़ी गढ़वाल के उफरेंखाल में पाणी राखो आंदोलन 90 के दशक में शुरू किया गया, आज पूरी दुनिया भारती जी को जानती है।

आज की मन की बात कार्यक्रम में पीएम ने वर्षा जल सरंक्षण के लिए भारती जी का जिक्र किया, और उनके असाधारण कार्य की सराहना की। इनके द्वारा प्राकृतिक जल तलैया (चाल खाल) बनाकर वर्षा जल का संरक्षण किया जाता है। 30 हजार जल तलैया (चाल खाल) बना चुके भारती जी ने प्रकृति संरक्षण और जैव विविधता के लिए जो असाधारण कार्य किए हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में हर कोई उनसे प्रेरणा लेता है।

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नैनीताल के पारितोष की भी चर्चा

पीएम ने आज नैनीताल के पारितोष का भी जिक्र किया जिन्होंने पीएम को पत्र भेजा था। पीएम ने कहा कि मुझे नैनीताल से एक साथी, भाई परितोष ने एक पत्र भेजा है। उन्होंने लिखा है कि उन्हें गिलोय और दूसरी कई वनस्पतियों के इतने चमत्कारी मेडिकल गुणों के बारे में कोरोना आने के बाद ही पता चला। परितोष ने मुझसे आग्रह किया है कि मैं ‘मन की बात’ के सभी श्रोताओं से कहूं कि आप अपने आसपास की वनस्पतियों के बारे में जानिए, और दूसरों को भी बताइए।

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Hill Mail

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