जानकारी के अनुसार, रविवार 20 सितंबर की शाम करीब 6:21 बजे महिला यात्री तुंगनाथ ट्रेक पर गणेश मंदिर के समीप पहुंची थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेक से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग को दी गई। इसके बाद तुंगनाथ क्षेत्र में तैनात डीडीआरएफ और आपदा मित्रों की टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
देर रात तक सुनाई देती रही महिला की आवाज
महिला के खाई में गिरने के बाद देर रात तक उसकी आवाजें सुनाई देने की बात सामने आई। इसके बाद रेस्क्यू टीमों ने उसे तलाशने और सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान तेज किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ अगस्त्यमुनि और तहसीलदार ऊखीमठ को भी सूचना दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर डीडीआरएफ ऊखीमठ की टीम भी मौके पर पहुंची।
तुंगनाथ करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए पहाड़ी क्षेत्र में ट्रेक करना पड़ता है। हादसे वाली जगह पर गहरी खाई और कठिन भूभाग होने के कारण रात में रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंधेरा बढ़ने के साथ खाई में उतरना जोखिम भरा हो गया। टीमों ने काफी देर तक तलाश जारी रखी, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण करीब रात 12:30 बजे अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
सुबह फिर शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
सोमवार सुबह मौसम और मौके की परिस्थितियों का जायजा लेने के बाद रेस्क्यू टीमों ने दोबारा अभियान शुरू किया। टीमों ने खाई के भीतर अलग-अलग हिस्सों में तलाश की। काफी प्रयास के बाद महिला का शव बरामद कर लिया गया। इसके बाद शव को खाई से बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, सुबह दोबारा शुरू किए गए सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में महिला का शव बरामद हुआ। फिलहाल महिला की पहचान और हादसे से संबंधित अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम घटना के कारणों की भी जानकारी एकत्र कर रही है।
तुंगनाथ क्षेत्र में इन दिनों यात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही बनी हुई है। पहाड़ी ट्रेक पर मौसम, रास्ते की स्थिति और गहरी खाइयों को देखते हुए यात्रियों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।


Leave a comment