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कुंभ 2021: सीएम का साफ निर्देश, मेले के काम पूरे कराने की जिम्मेदारी विभागीय सचिवों की

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
हरिद्वार में साल 2021 में लगने वाले महाकुंभ मेले की तैयारियों के लिए उत्तराखंड सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अगुवाई में निरंतर मेले की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। देहरादून में सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में साफ कर दिया गया है कि  कुंभ मेले के कार्यों को पूर्ण कराने की जिम्मेदारी विभागीय सचिवों की होगी। तकनीकि दक्षता वाले विभागों के स्तर पर किए जाने वाले कार्यों में लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। कुंभ मेले के पश्चात् कुंभ के कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर किसी भी प्रकार की शिकायत न मिले यह विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी। कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसकी व्यवस्था प्राथमिकता पर की जाए। जिन विभागों द्वारा अस्थायी निर्माण कार्य कुंभ मेले के दौरान किए जाने है वे अपना प्रस्ताव तीन दिन के अंदर मेलाधिकारी को उपलब्ध कराए।
कुंभ कार्यों की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन में मुख्य सचिव के स्तर पर की जाए। कुंभ कार्यों हेतु गठित तकनीकि समिति अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध कराए। कुंभ के कार्यों को डबल शिफ्ट में कराया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग को सड़क व पुलों के निर्माण के लिये तीन शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाए।
सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आगामी कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में  आयोजित बैठक में विभागीय सचिवों व विभागाध्यक्षों को उपरोक्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन में कलर कल्चर पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्नान घाटों एवं पार्कों के निर्माण में स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ ही सी.एस.आर. के तहत इसमें सहयोग लिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि आगामी कैनाल क्लोजिंग के समय जिन घाटों का निर्माण, पुलों व सौन्दयीकरण के कार्य होने हैं, वह इस अवधि में पूर्ण करा लिए जाए। उन्हांने विभागीय प्रमुखों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने विभागीय कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करायें। उन्होंने निर्देश दिए कि कुंभ मेले के सभी प्रकार के स्थायी निर्माण कार्य नवम्बर तक हर हाल में पूर्ण हो जाए। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, साफ सफाई व सौन्दर्यकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि कुंभ मेले के कार्यों को विभागीय अधिकारी शासनादेशों में निर्धारित नियमों व शर्तों के अधीन करें। इसकी अवहेलना करने वाले अधिकारियों के विरूद्व सख्त कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यो का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के साथ ही कार्यों की तकनीकि गुणवत्ता की गहनता से जांच की जाए। इसमें कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्व कठोर कार्यवाही किए जाने के भी उन्होंने निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करने की भी अपेक्षा की। कार्यों की शीघ्रता के लिये मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित विभागों को पूर्णकालिक जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती पर भी ध्यान देने को कहा, ताकि कुंभ के कार्यों के प्रति कोई शिकायत न हो तथा कार्यों में तेजी आ सके।
बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कुंभ क्षेत्र में किए जा रहे  निर्माण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के आयोजन से संबंधित अबतक 16 बैठकें आयोजित की जा चुकी है। लोक निर्माण, सिंचाई, पेयजल निगम, जल संस्थान आदि 15 प्रमुख विभागों को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई इम्पॉवर्ड समिति द्वारा 135 कार्यों के लागत की रूपये 68302.80 लाख की धनराशि अनुमोदित की गई हैं। उन्होंने बताया कि आगामी कुंभ मेले के लिए1454.41 हेक्टेयर भूमि चयन की प्रक्रिया गतिमान है, जबकि 2010 के कुंभ मेले में 630.832 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई गई थी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार श्री नरेंद्र सिंह, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव  आनंद वर्द्धन, सचिव डॉ. भूपेंद्र कौर औलख, अमित नेगी, नितेश झा, शैलेश बगोली, श्रीमती राधिका झा, दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रामन, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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