Friday , 4 September 2026
Home ताज़ा ख़बर प्रगति मैदान में 25 फरवरी से शुरू होगा विश्व पुस्तक मेला, इस बार पुराने अंदाज में दिखेगा पुस्तक मेला
ताज़ा ख़बरदेश-विदेश

प्रगति मैदान में 25 फरवरी से शुरू होगा विश्व पुस्तक मेला, इस बार पुराने अंदाज में दिखेगा पुस्तक मेला

पुस्तक मेले की घोषणा करने के लिए कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष प्रो गोविंद प्रसाद शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को पुस्तकों के इस विशाल उत्सव में शामिल होने और इस पठन अभियान का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ थीम पर आधारित इस साल के पुस्तक मेले में फ्रांस मेहमान देश के रूप में शामिल होगा और नोबेल पुरस्कार विजेता एनी एर्नाक्स सहित 16 फ्रांसीसी लेखक एवं 60 से अधिक प्रकाशक, साहित्यिक एजेंट और सांस्कृतिक प्रतिनिधि इसमें भाग लेंगे।

फ्रांस के दूतावास में सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार इमैनुएल लेब्रन-डेमियंस ने कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि आज अधिक से अधिक फ्रांसीसी लोग भारतीय साहित्य में रुचि ले रहे हैं। फ्रांस और भारत साहित्य में दो बड़े देश हैं। फ्रांस से दर्जनों लोग आ रहे है। लेखकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एनी एर्नाक्स कर रही हैं, जो नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। कुल 16 पुरस्कार विजेताओं के साथ फ्रांस साहित्य के क्षेत्र में दुनिया में सबसे अधिक नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाला देश है।’’

इस मौके पर एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि पुस्तक मेले में आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर कई साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। एनडीडब्ल्यूबीएफ एक अलग पवेलियन में जी20 देशों के प्रतिभागियों की मेजबानी करेगा। नौ दिवसीय इस साहित्यिक कार्यक्रम में 50 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मलिक ने बताया कि अश्विन सांघी, विक्रम संपत, प्रीति शेनॉय और आनंद नीलकांतन सहित प्रसिद्ध लेखक मेले में पुस्तक विमोचन कार्यक्रमों, संवाद एवं पैनल चर्चा में भाग लेंगे। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास पुस्तक मेले के 50 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी करेगा। मेले में बच्चों के लिए टिकट का मूल्य 10 रुपये और वयस्कों के लिए 20 रुपये रखा गया है, जबकि स्कूली छात्रों, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है।

विश्व पुस्तक मेले को और अधिक मनोरंजक बनोन के लिए ओपन माइक, सेना और पुलिस बैंड, टॉक शो, लोक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों जैसे क्षेत्र में अग्रणी संगठनों द्वारा रंगभूमि में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। मेले में भाग लेने वाले राज्यों द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रदर्शन किए जाएंगे। आजादी के अमृत महोत्सव के थीम को ध्यान में रखते हुए युद्ध नायकों के साथ बातचीत, शौर्य गाथाओं का पाठ, देशभक्ति गीत, कहानियां, नाटक आदि भी आयोजित किए जाएंगे।

पहली बार मेले में प्रकाशित बाल लेखकों के लिए एक विशेष मंच भी बनाया जाएगा, जहां वे अपनी पुस्तकों पर चर्चा करेंगे ओर लिखने की अपनी प्रेरणा अपने रोल मॉडल, पसंदीदा लेखकों आदि के बारे में बात करेंगे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles