Home एक्सक्लूसिव योगी आदित्यनाथ फिर नंबर वन, ‘शिखर पर उत्तराखंडी टॉप-50’ वार्षिक रैंकिंग जारी
एक्सक्लूसिवस्पेशल

योगी आदित्यनाथ फिर नंबर वन, ‘शिखर पर उत्तराखंडी टॉप-50’ वार्षिक रैंकिंग जारी

हिल-मेल शिखर पर उत्तराखंडी 2020...। यह वार्षिक विशेषांक पहाड़ के उन बेटे-बेटियों को समर्पित है, जो अपनी मेहनत, लगन से अपने-अपने क्षेत्रों में शीर्ष पर पहुंचे हैं। यह विशेषांक पहाड़ के 50 बेटे-बेटियों की अहम घटनाओं का संकलन है।

उत्तराखंड के बेटे-बेटियां किस तरह देश के अलग-अलग हिस्से में अलग-अलग पदों पर रहते हुए महती भूमिका निभा रहे हैं, यह समूचा विश्व देख रहा है। आज राजनीति और कूटनीति, रक्षा और सुरक्षा, गीत-संगीत, कला, योग पर्यावरण, साहित्य और सेवा, हर क्षेत्र में पहाड़ के सपूत सफलता के नए प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। हिल-मेल पत्रिका ने पहाड़ के ऐसे ही सपूतों पर आधारित अपनी वार्षिक शिखर पर उत्तराखंडी टॉप-50 रैंकिंग जारी कर दी है।

यह सिलसिला देश की राजनीति के फलक पर तेजी से चमक बिखेर रहे यूपी के मुख्यमंत्री और पौड़ी के बेटे योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ बनाए गए जनरल बिपिन रावत, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, अनिल बलूनी से होता हुआ कई ऐसे लोगों तक जाता है, जिन्होंने अपने कार्य से लोगों के मन मस्तिष्क को प्रभावित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार भास्कर खुल्बे हों या समाज सेवा का पर्याय बन चुकी मंगला माता हों, एनडीएमए के सदस्य राजेंद्र सिंह हों, देश सेवा और समाजसेवा के प्रतीक कर्नल अजय कोठियाल हों या सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष और प्रख्यात गीतकार प्रसून जोशी। सभी की कहानी कमोबेश एक जैसी तो है, सभी ने संघर्षों के लंबे दौर से गुजरते हुए शीर्ष मुकाम हासिल किया है। यह विशेषांक हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाने वाले पहाड़ के सपूतों को समर्पित है।

ये रहे टॉप-10 उत्तराखंडी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर सबसे चर्चित उत्तराखंडियों की सूची में शीर्ष पायदान पर हैं। दूसरे नंबर पर देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं। तीसरे पायदान पर सीडीएस बनाए गए जनरल बिपिन रावत हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को इस सूची में चौथा स्थान मिला है। पांचवें नंबर पर शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक हैं। वहीं छठे स्थान पर आध्यात्मिक गुरुमाता और हंस फाउंडेशन की संस्थापक माताश्री मंगला हैं। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी को इस सूची में सातवां स्थान मिला है। आठवें नंबर पर महाराष्ट्र और गोवा के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार भास्कर खुल्बे को इस सूची में नौंवा और एनडीएमए के सदस्य राजेंद्र सिंह को दसवां स्थान मिला है। 11वें पायदान पर गीतकार प्रसून जोशी और 12वें स्थान पर समाजसेवी और यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (रिटा.) अजय कोठियाल हैं। सफलता और बुलंदियों पर पहुंचे उत्तराखंडियों की सूची बहुत लंबी है।शीर्ष 50 में ऐसे लोग शामिल हैं, बीते एक साल के दौरान कुछ ज्यादा चर्चा में रहे। हालांकि यह सूची अंतिम नहीं है, यह तो महज सिलसिले की शुरुआत है, जो साल-दर-साल आगे बढ़ता जाएगा।

हिल-मेल मैग्जीन का ई-वर्जन देखने के लिए यहां क्लिक करें…

 

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले माता-पिता, निष्पक्ष जांच की मांग

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच की मांग को...

अंकिता भंडारी हत्याकांड: देहरादून में कांग्रेस का लोकभवन घेराव, हरक सिंह रावत समेत कई नेता हिरासत में

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की...

अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी, दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने को दिया समर्थन

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर...