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केदारनाथ में हुई वायुसेना के एमआई-26 की लैंडिंग

MI-26 Helicopter landng in Kedarnath.उत्तराखंड के केदारघाटी में 2013 में आई बाढ़ के बाद पहली बार 6 जनवरी 2015 को वायुसेना का एमआई-26 हेलिकॉप्टर केदारनाथ में उतरा। एमआई-26 देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर है। यह पहला मौका है जब इतनी ऊंचाई पर एमआई-26 हेलिकाॅप्टर को उतारा गया है। इसके जरिए सड़क, घर, बांध बनाने के लिए बड़ी मशीनें और बाकी सामान घाटी तक लाया जा सकेगा।

केदारनाथ में बनाया गया यह हैलीपैड, देश का सबसे बड़ी ऊंचाई पर बना हैलीपैड है। यह 492 फीट लम्बा और 164 फीट चैड़ा है। जबकि इससे छोटा हैलीपैड सिर्फ 59 फीट चैड़ा और 118 फीट लम्बा है। यह दिसम्बर 2014 के आखिरी हफ्ते में बनकर तैयार हुआ है।

पिछले आठ महीनों के प्रयासों के बाद एमआई-26 ने समुद्र तल से 11 हजार 660 फीट की ऊंचाई पर केदारनाथ में सफलतापूर्वक लैंडिंग किया। जब हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई, उस समय वहां का तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस था। साल 2013 में यहां आई भयानक बाढ़ के बाद से ही अधिकारी और कर्मचारी इलाके के पुनर्निर्माण में लगे हुए थे। मालवाहक विमान की केदारनाथ में लैंडिंग के बाद भारी मशीनों और ट्रकों को वहां पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे पुनर्निर्माण के काम में तेजी आएगी।

दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने वायुसेना के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत कुल 125 टन तक के भारी मशीनों और वाहनों को गुंचर के बेस स्टेशन से केदारनाथ ले जाया जा सकेगा। रूसी हेलिकॉप्टर एमआई-26 देश का एकमात्र रोटरक्राफ्ट है, जो टनों वजन उठा सकता है। भौगोलिक दृष्टि से इस संवेदनशील जगह पर पांच ट्रक, दो अर्थ मूवर्स, एक हाइड्रालिफ्ट क्रेन और दो स्नो ब्लोअर्स पहुंचाए जाने हैं।

MI-26 Helicopter landng in Kedarnath...नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनिंग (निम) के अधिकारी क्षेत्र में 90 फीसद से अधिक पुनर्निर्माण कार्य कर रहे हैं। संस्थान के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि ट्रायल लैंडिंग सफल रही है। इससे यहां भारी वाहनों और मशीनों के पहुंचाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। अभी तक यहां काम मैनुअली किया जाता है, जिसमें समय अधिक लगता था और काम की रफ्तार धीमी रहती थी।

इससे पहले मुख्यमंत्री हरीश रावत जब 22 दिसम्बर 2014 को केदारनाथ पहंुचे थे तो उन्होंने कहा था कि निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) जब तक चाहे मौसम के अनुरूप केदारनाथ में पुनर्निर्माण का कार्य जारी रख सकता है। यह निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल पर निर्भर है कि वह क्या फैसला ले। जब मुख्यमंत्री वहां पहंुचे तो वह पुनर्निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों से मिले और उनसे उनके हालचाल पूछे। इस दौरान उन्होंने एमआई-26 के लिए बनाए जा रहे हेलीपैड के निर्माण कार्य को भी देखा।

उस समय निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने पुनर्निर्माण कार्यो की जानकारी मुख्यमंत्री को दी और उन्होंने कहा कि एमआई-26 जल्द ही केदारनाथ में लैंडिंग करेगा। कर्नल कोठियाल ने उस समय बताया था कि केदारनाथ में लगातार तापमान का अध्ययन किया जा रहा है तथा इसकी जानकारी वायु सेना के अधिकारियों को भी दी जा रही है।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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