प्रदेश सरकार वन्य जीवों के संरक्षण के लिये तमाम योजनाएं चलाती है, लेकिन वन्य जीव जिस वन सम्पदा के बीच पल रहे है उसकी सुरक्षा से बेखबर है। यहां बडे़ पैमाने पर वनों को दीमक चाट रही है इस पर वन महकमा उपचार तो दूर जानकारी से भी अनभिज्ञ है ।
चाहे कार्बेट रिजर्व पार्क हो या किसी अन्य वन्य क्षेत्र सभी जगह प्रत्येक वन्य जीव की सुरक्षा के लिये वन महकमा मुस्तैद है। वह इनके संरक्षण के लिये करोड़ों रुपये भी खर्च करता है। वहीं दूसरी ओर यही वन विभाग अपनी अकूत वन सम्पदा के संरक्षण को कतई तब्बजो नही दे रहा। जिसमें यह वन प्राणी वास कर रहे हैं । रामनगर वन प्रभाग के सीतावनी क्षेत्र में प्राकृतिक शाल वन क्षेत्र है। इस वन क्षेत्र में दीमक ने हरे भरे पेड़ो को चपेट मे ले लिया है। यह दीमक जहां तमाम शाल के वृक्षों को निगल चुकी है। वहीं तमाम इसकी चपेट में है । दीमक ने जिस तेजी के साथ इस वन क्षेत्र को चपेट में लिया है। यदि इसका जल्द उपचार नही किया गया तो शाल के इस विशाल काय वन क्षेत्र को समाप्त होने में देर नही लगेगी। इस बारे में जब प्रभागीय वनाधिकारी प्रेम शंकर श्रीवास्तव से जानकारी ली गयी तो पहले तो वह इसकी जानकारी से ही अनभिज्ञ नजर आये। बाद में बोले कि वह तत्काल अधीनस्थों से इसकी जानकारी हासिल कर विस्तृत विवरण देहरादून और हल्द्वानी के विशेषज्ञों को भेजकर उनकी मदद लेंगे।


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