पहाड़ के लोग पिरूल को अच्छी तरह से जानते हैं। पिरूल जिसे पहाड़ों में आग लगने की घटनाओं की मुख्य वजह माना जाता है। वहीं यही पिरूल अब आय का एक बड़ा स्रोत भी बन रहा है।
आज पौड़ी के मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाईं ने खिर्सू ब्लाक क्षेत्रान्तर्गत ग्रांम पंचायत नलई में स्थापित पिरूल पाॅवर प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने पावर प्लांट को संचालित करने में आ रही परेशानियों का भी जायजा लिया।
आशीष भटगाईं ने कहा कि ब्लाक के उकालखिल तोक में स्थापित पिरूल पावर प्लांट राज्य सरकार की स्वरोजगार मुहैया करवाने वाली महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है। जिसके स्थापित होने से युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
इस मौके पर पिरूल पावर प्लांट संचालित हिम्मत सिंह ने प्लांट संचालित में आ रही दिक्कतों से मुख्य विकास अधिकारी को रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि पिरूल पावर प्लांट को संचालित करने के लिए मुख्यतः बिजली की निर्बाध आपूर्ति की आवश्यकता होती है, लेकिन इस क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारू ही नहीं होती, जिससे प्लांट को नियमित रूप से संचालित करने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने विद्युत विभाग को उकालखिल तोक में विद्युत आपूर्ति करने समेत अन्य समस्याओं को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिये।
पहाड़ में चीड़ बहुतायत पाया जाता है, चीड़ के पत्तों को ही पिरुल कहा जाता है और इसके पत्तों से बिजली पैदा की जाती है। इससे पर्यावरण को हो रहे नुकसान से भी बचाया जा सकता है।



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