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नीलकंठ कांवड़ यात्रा में 1,200 सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन और 70 सीसीटीवी से होगी निगरानी

सावन के पावन महीने में शिवभक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी करीब 1,200 पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी जवानों के कंधों पर होगी। पुलिस का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें तैयार रहेंगी।

 

मेला शुरू होने से पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है।

हाईटेक निगरानी व्यवस्था

इस बार कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाया गया है। पूरे मेला क्षेत्र पर 70 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम को अत्याधुनिक संचार व्यवस्था से जोड़ा गया है। कंट्रोल रूम से यात्रा मार्ग और मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मोबाइल पुलिस पार्टियां और इंटरसेप्टर वाहन लगातार गश्त करेंगे। इन टीमों का उद्देश्य यातायात व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी होगा।

पांच अस्थायी पुलिस चौकियां

श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में पांच अस्थायी पुलिस चौकियां और आठ खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं को सुरक्षा, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। किसी श्रद्धालु के परिजन से बिछड़ने या सामान खोने की स्थिति में खोया-पाया केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पुलिस वेलफेयर टीम भी ड्यूटी पर तैनात जवानों के मनोबल को बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय रहेगी। टीम द्वारा जवानों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाएगी, ताकि कठिन परिस्थितियों में भी वे पूरी ऊर्जा और तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

दो जोन और 24 सेक्टर में बांटा मेला क्षेत्र

सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को दो जोन और 24 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में तैनात अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से सौंप दी गई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में दो अपर पुलिस अधीक्षक, पांच क्षेत्राधिकारी, 16 निरीक्षक, 98 उपनिरीक्षक व महिला उपनिरीक्षक, 345 पुलिसकर्मी, 140 होमगार्ड और 135 पीआरडी जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बल को भी सक्रिय किया जा सकेगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां की गई हैं। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि शिवभक्त बिना किसी परेशानी के नीलकंठ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना कर सकें और सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

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Hill Mail

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