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हिल-मेल शिखर पर उत्तराखंडी शीर्ष-50 वार्षिक पोल के नतीजे जारी

अजीत डोभाल सबसे लोकप्रिय उत्तराखंडी
जनरल बिपिन रावत और सीएम त्रिवेंद्र रावत क्रमशः दूसरे व तीसरे पायदान पर
योगी आदित्यनाथ लोकप्रिय उत्तराखंडियों की सूची में चैथे पायदान पर
भास्कर खुल्बे, कर्नल अजय कोठियाल, राजेंद्र सिंह, अश्विनी लोहानी, अनिल धस्माना और प्रसून जोशी शीर्ष दस में

नई दिल्ली। उत्तराखंड को समर्पित पत्रिका हिल-मेलः एक अभियान पहाड़ों की ओर लौटने का – ने अपने वार्षिक पोल शिखर पर उत्तराखंडी शीर्ष-50 2017 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। हिल-मेल ने अपनी चमक से दुनिया जहां को रोशन कर रहे पहाड़ के सपूतों की लोकप्रियता के आधार पर यह पोल किया है। इस सर्वेक्षण को एक विशेषांक के रूप में नई दिल्ली में 22 जनवरी को मुक्तधारा सूचना एवं संस्कृति सेंटर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान जारी किया गया।

लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सबसे लोकप्रिय उत्तराखंडी चुने गए हैं। देश की रक्षा-सुरक्षा, राजनीति, लोक प्रशासन और कला एवं संस्कृति जैसे तमाम क्षेत्रों के लोग इस इस रैंकिंग में शामिल हैं। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत शीर्ष उत्तराखंडियों की सूची में दूसरे पायदान पर हैं। हाल के घटनाक्रम और उनकी आक्रामक रणनीति के चलते जनरल रावत की लोकप्रियता नए शिखर पर पहुंच गई है। इस सूची में अगले दो नाम राजनेताओं के हैं। यह हैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। पौड़ी से संबंध रखने वाले दोनों नेता तीसरे और चैथे पायदान पर हैं।

शीर्ष दस की सूची में जहां पांचवां स्थान एक प्रशासनिक अधिकारी को मिला है, वहीं छठे पायदान पर सेना का एक ऐसा अधिकारी है, जिसने अपने कुशल नेतृत्व के दम पर केदारनाथ का कायाकल्प करके दिखाया है। पांचवां स्थान पर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सचिव भास्कर खुल्बे हैं, वहीं छठे पायदान पर कर्नल अजय कोठियाल हैं। सातवें नंबर पर देश की समुद्री तटों की निगहबानी करने वाले तटरक्षक बल के मुखिया राजेंद्र सिंह हैं। राजेंद्र सिंह को युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। आठवें पायदान पर एक ऐसे अधिकारी हैं, जिनकी छवि एक टॉस्क मास्टर की रही हैं। कहा जाता है कि उन्हें हमेशा कठिन जिम्मा दिया जाता है लेकिन वह उसे भी बड़ी सहजता और सरलता से निभाते हैं। यह नाम है, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी का। वह इससे पहले एयर इंडिया के सीएमडी भी रहे हैं। नौंवा नंबर जहां देश की खुफिया एजेंसी रॉ के प्रमुख अनिल कुमार धस्माना का है वहीं दसवें पायदान पर सेंसर बोर्ड के प्रमुख और बेहतरीन गीतकार प्रसून जोशी हैं।

शीर्ष-50 की सूची में हर क्षेत्र के लोगों ने जगह बनाई है। चाहे वह देश की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट हों या एनटीआरओ के चेयरमैन आलोक जोशी। वह अंडमान निकोबार के राज्यपाल एवं पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल (रिटा.) डीके जोशी हों या प्रख्यात जागर सम्राज्ञी पद्मश्री बसंती बिष्ट। लोकगीत, सिनेमा, साहित्य, शिक्षा, सिविल सोसायटी और पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले कई चेहरे शीर्ष-50 में शामिल हैं।

हिल-मेल ने यह सर्वेक्षण मीडिया और आईटी पेशेवरों एवं गूगन एनॉलिटिक्स की मदद से किया है। सोशल मीडिया, सर्च इंजन के नतीजों और खबरों में मौजूदगी के आधार पर यह रैंकिंग तैयार की गई है।

हालांकि ऐसे अनेक नाम हैं, जो शीर्ष-50 में जगह नहीं बना पाए, लेकिन हर लिहाज से उनका योगदान और काम उत्तराखंड के सम्मान को बढ़ाता है। वे सब भी उत्तराखंड की प्रगति यात्रा के सहभागी हैं।

– हिल-मेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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