राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर 73 फीसदी लोगों को पीएम मोदी पर भरोसा, 60% बोले – चीन से बदला लेना बाकी

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर 73 फीसदी लोगों को पीएम मोदी पर भरोसा, 60% बोले – चीन से बदला लेना बाकी

एक सर्वे के मुताबिक, देश के 72.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी मौजूदा स्थिति को काफी हद तक संभाल लेंगे। वहीं 16.2 प्रतिशत को लगता है कि वह कुछ हद तक ही स्थिति संभाल पाएंगे, जबकि 11.2 प्रतिशत लोगों को इस मामले में प्रधानमंत्री पर कोई भरोसा नहीं जताया।

भारत और चीन के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद एलएसी और सीमा पर तनाव बना हुआ है। इस बीच देश भर में 70 प्रतिशत से अधिक लोग मानते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा है। आईएएनएस सी-वोटर के एक सर्वे में यह बात सामने आई है। इस पोल के अनुसार, देश के 72.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी मौजूदा स्थिति को काफी हद तक संभाल लेंगे। वहीं 16.2 प्रतिशत को लगता है कि वह कुछ हद तक ही स्थिति संभाल पाएंगे, जबकि 11.2 प्रतिशत लोगों को इस मामले में प्रधानमंत्री पर कोई भरोसा नहीं जताया। यह सर्वेक्षण पिछले हफ्ते भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रहे तनाव के बीच हुआ, जब लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाएं आपस में भिड़ गई थी, जिसमें एक कमांडिंग अधिकारी सहित 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।

इस सर्वे में लोगों से पूछा गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आप कितना भरोसा करते हैं। सर्वेक्षण में 60 वर्ष से अधिक आयु, कम शिक्षित, उच्च आय वर्ग में आने वाले लोग और पुरुषों ने देश की सुरक्षा के मामले में प्रधानमंत्री पर बहुत भरोसा जताया है। एनडीए के 82.6 प्रतिशत मतदाताओं को अपने चुने हुए नेता पर भरोसा है। वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि विपक्षी पार्टियों को वोट देने वाले लोगों में से भी 51.1 प्रतिशत लोग भारतीय नेतृत्व पर विश्वास करते हैं। हालांकि जिन लोगों को यह विश्वास नहीं है कि मोदी इस स्थिति को संभाल पाएंगे, उनमें उच्च शिक्षित, मुस्लिम, सिख और 25 से 45 वर्ष के बीच की युवा आबादी शामिल है।

60 फीसदी लोग बोले, अभी बदला पूरा नहीं हुआ

सर्वे में 68 फीसदी लोगों का यह मानना है कि चीन भारत के लिए पाकिस्तान से बड़ा खतरा है। जनता अभी चीन के गलवान की घटना का बदला लिए जाने का इंतजार कर रही है। 60 फीसदी लोगों का यह मानना है कि गलवान की घटना के लिए भारत ने अभी चीन को माकूल जवाब नहीं दिया है। जवानों की शहादत का बदला अभी पूरा नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें – गलवान में 15 जून की रात चीनियों के साथ क्या हुआ… जानकर हैरान रह जाएंगे

राहुल गांधी पर 14.4 फीसदी लोगों को ही भरोसा

इस सर्वे में महज 14. 4 फीसदी लोगों ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भरोसा जताया है। 24.3 प्रतिशत उनपर कुछ हद तक भरोसा करते हैं। वहीं 61.3 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी पर भरोसा नहीं करते हैं। वहीं 16 प्रतिशत पुरुष और 12 प्रतिशत महिला राहुल गांधी पर बहुत हद तक भरोसा करते हैं, जबकि करीब 26 प्रतिशत पुरुष और 22.6 प्रतिशत महिला कुछ हद तक राहुल गांधी पर भरोसा करते हैं। राहुल गांधी को सबसे ज्यादा भरोसा मुस्लिम समुदाय के लोग करते हैं। इस समुदाय से 43.9 प्रतिशत लोग उन पर बहुत हद तक भरोसा करते हैं, जबकि 39.3 प्रतिशत कुछ हद तक भरोसा करते हैं। सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत ईसाई और 71 प्रतिशत सिख राहुल गांधी पर भरोसा नहीं करते हैं। शैक्षणिक स्तर की बात करें तो, 67.2 प्रतिशत उच्च शिक्षा प्राप्त लोग राहुल गांधी पर भरोसा नहीं करते हैं, जबकि उच्च आय वर्ग के 72 फीसदी लोग कांग्रेस नेता पर भरोसा नहीं करते हैं। जाति की बात करें तो, करीब 69 प्रतिशत उच्च जाति के हिंदू और 71 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के लोग पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पर भरोसा नहीं करते हैं।

चीनी सामानों का बॉयकॉट करेंगे 68 फीसदी लोग

सर्वे के दौरान लोगों से एक सवाल पूछा गया कि क्या आम लोग चीन के विरोध के रूप में चीनी उत्पाद यानी मोबाइल फोन, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आदि खरीदना बंद कर देंगे। इसके जवाब में 68.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि हां वे चीनी सामानों का बहिष्कार करेंगे। मगर साथ ही 31.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इस तरह का कुछ नहीं होगा और लोग चीनी सामान खरीदना जारी रखेंगे।

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