पौड़ी ने ‘जीती’ कोरोना की लड़ाई, एक और जिला देने वाला है जानलेवा वायरस को मात

पौड़ी ने ‘जीती’ कोरोना की लड़ाई, एक और जिला देने वाला है जानलेवा वायरस को मात

उत्तराखंड के लिए एक और बात राहत भरी है। पहाड़ के सात जिलों में भी कोरोना नहीं पहुंच सका है। बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल व उत्तरकाशी में अभी तक कोरोना का कोई मामला नहीं आया है।

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच मंगलवार को कोई नया मामला नहीं आया। राज्य में 46 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 19 लोगों को अब तक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। वैसे तो उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या स्थिर थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में देहरादून और हरिद्वार से लगातार पॉजिटिव केस आए और आंकड़ा 46 पहुंच गया।

इसके बावजूद प्रदेश का एक जिला कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक मिसाल के तौर पर उभरा है। ये जिला है पौड़ी। खास बात यह है कि उत्तराखंड का यह एकमात्र जिला है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना संक्रमित मिलने के बावजूद छूट वाले जिलों की श्रेणी में शामिल किया है। इसका कारण है यहां कोरोना पर नियंत्रण के लिए किया जा रहा काम। पौड़ी देश के उन तीन जिलों में शामिल है, जहां 28 दिन से कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया। अब इसे ग्रीन जोन में शामिल करते हुए कोरोना मुक्त घोषित कर दिया गया है। खास बात यह है कि देवभूमि का एक और जिला अल्मोड़ा भी जल्द कोरोना मुक्त घोषित हो सकता है। यहां भी एक पखवाड़े से ज्यादा समय से कोरोना के संक्रमण का कोई केस नहीं आया है। अल्मोड़ा के रानीखेत के कुरेशियन मोहल्ले में रहने वाले एक व्यक्ति को कोरोना संक्रमण पाया गया था, वह व्यक्ति अब ठीक हो गया है। वह दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होकर आया था।

यह भी देखें – लॉकडाउन में उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में फंसे लोगों के लिए अच्छी खबर

उधर, पौड़ी में 25 मार्च को दुगड्डा निवासी एक युवक में कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह युवक 17 मार्च को स्पेन से लौटा था। जिसके बाद पहाड़ी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की आशंका प्रबल होने लगी थी। लेकिन पुलिस, प्रशासन और लोगों ने सतर्कता से न केवल कोरोना पर जीत पाई, बल्कि इसे आगे फैलने नहीं दिया। पांच अप्रैल को यहां एकमात्र संक्रमित मरीज भी ठीक हो गया। उसके बाद से अब तक यहां कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया। जिले में कोरोना संबंधी 85 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, इनमें से एक पॉजिटिव और 80 रिपोर्ट निगेटिव आई थी। चार रिपोर्ट आनी अभी बाकी हैं।

13 जिलों वाले उत्तराखंड के लिए एक और बात राहत भरी है। इन दो जिलों के अलावा पहाड़ के सात जिलों में भी कोरोना नहीं पहुंच सका है। ये सातों जिले पहले से ग्रीन जोन में हैं। बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल व उत्तरकाशी में अभी तक कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया है।

राज्य सरकार के लिए देहरादून और हरिद्वार बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। इसके अलावा नैनीताल जिला भी रेड जोन में है। तराई का ऊधम सिंह नगर ऑरेंज जोन में है। देहरादून में सबसे अधिक 24, हरिद्वार में नौ और नैनीताल में 7 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है।

पौड़ी के जिलाधिकारी धीरज गर्ब्याल के मुताबिक, सामूहिक प्रयासों से पौड़ी में कोरोना पर नियंत्रण पाया जा सका है। अब कोशिश है कि आगे भी सतर्कता बरती जाए, ताकि कोरोना का संक्रमण किसी भी तरह जिले में फैले।

मंगलवार को कोई नया मामला नहीं

 

उत्तराखंड के लिए एक अच्छी बात यह भी है कि मंगलवार को कोरोना संक्रमण का कोई ताजा मामला सामने नहीं आया। राज्य में अभी तक 46 लोगों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से 19 इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। मंगलवार को कुल 277 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई। अभी 570 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। राज्य में इस समय 543 लोग विभिन्न अस्पतालों में हैं। वहीं 63754 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है।

 

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