लॉकडाउन में लगातार उत्तराखंडी मित्रों का हालचाल ले रहे पीएम मोदी, बाल मिठाई भी याद आई

लॉकडाउन में लगातार उत्तराखंडी मित्रों का हालचाल ले रहे पीएम मोदी, बाल मिठाई भी याद आई

आप घर में रोजमर्रा के काम में व्यस्त हों और फोन की घंटी बजे, पता चले कि देश के प्रधानमंत्री आपसे बात करना चाह रहे हैं, सोचिए आपको कैसा लगेगा। पीएम मोदी उत्तराखंड में जनसंघ और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को लगातार फोन कर उनका हालचाल ले रहे हैं।

जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है, लोगों का आना-जाना, मिलना-जुलना सब बंद है। बातें वीडियो कॉल पर हो रही हैं या फिर वॉइस कॉल पर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी सभी बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कर रहे हैं, साथ ही वह फोन कर अपने पुराने साथियों, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और बुजुर्गों का हालचाल भी ले रहे हैं।

यह तो जगजाहिर है कि पीएम मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है, लेकिन जिस तरह से वह लगातार उत्तराखंड में अपने मित्रों और पूर्व परिचितों को फोन कर हालचाल ले रहे हैं, उससे कई लोग हैरान है। उत्तराखंड में पीएम मोदी के पुराने परिचितों और मित्रों की फेहरिस्त काफी लंबी है। खास बात यह है कि पिछले तीन दिन में पीएम मोदी ने अपने तीन पुराने परिचितों को फोन किया और हालचाल लिया।

पूरन चंद्र से कहा, अल्मोड़ा आऊंगा और बाल मिठाई खाऊंगा

 

24 अप्रैल को पीएम मोदी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले में फोन मिलाया। दूसरी तरफ पूरन चंद्र शर्मा फोन पर थे और अचानक ‘नमस्कार, मैं नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं’ सुनकर चौंक गए। कुछ सेकेंड के लिए तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि देश के प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन किया है। उन्हें लगा कि शायद यह कोई रिकॉर्डिंग है।

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मोदी ने उत्तराखंड में भाजपा के पहले अध्यक्ष रहे जनसंघ के समय के तेजतर्रार नेता पूरन चंद्र शर्मा से पुरानी यादें ताजा की। उन्होंने पूछा- कैसे हैं शर्मा जी, अल्मोड़ा में सब ठीक है न? इसी दौरान पीएम ने वहां की मशहूर बाल मिठाई को याद किया। पुराने दिनों को याद करते हुए बोले, जब आप उत्तराखंड के अध्यक्ष थे तब अक्सर मुलाकात में आपके हाथों से स्वाद मिल जाता था। पीएम ने कहा, ‘अब कभी मौका मिला तो अल्मोड़ा जरूर आऊंगा और आपके साथ बाल मिठाई का स्वाद भी लूंगा।’ पूरन शर्मा ने पीएम को अल्मोड़ा आने का न्योता भी दिया। पीएम ने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और उत्तराखंड को लेकर भी काफी बात की।

खेत में थे तब मोहन लाल बौंठियाल को आया पीएम का फोन

 

इससे पहले पीएम मोदी ने 22 अप्रैल को 76 साल के जनसंघ के नेता मोहन लाल बौठियाल को देहरादून फोन किया था। जनसंघ के नेता और प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने वाले मोहन लाल को जब पीएम का फोन आया तो वह अपने पैतृक गांव एता में खेत में टहल रहे थे। फोन उठाया तो दूसरी तरफ से आवाज आई, ‘मोहन जी कैसे हैं, क्या हो रहा है?’। प्रधानमंत्री की आवाज सुनकर मोहन लाल भावविभोर हो गए।

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उन्होंने कहा कि पीएम की बात सुनकर मैं निहाल हो गया। बौठियाल से पीएम ने करीब 3 मिनट तक बात की। उनका कुशलक्षेम पूछने के साथ ही पीएम ने बौठियाल से बदरीनाथ और श्रीनगर, गढ़वाल की मुलाकातों को याद किया। बौठियाल ने बाद में बताया कि मोदी ने उनसे पूछा कि वहां सब ठीक तो है न, मैंने कहा कि देवभूमि में सब ठीक है। बौठियाल ने कहा कि यह किसी कार्यकर्ता के लिए बहुत बड़ा सम्मान है कि देश के प्रधानमंत्री खुद फोन कर उनका हालचाल पूछते हैं। बौठियाल उत्तराखंड में भाजपा के संस्थापकों में से एक हैं।

रतन लाल देश के मुखिया से बात कर गौरवान्वित

 

23 अप्रैल की सुबह 74 साल के रतनलाल गुप्ता सितारगंज स्थित अपने घर में थे। वह कहते हैं कि पीएम ने खुद फोन कर स्वास्थ्य के बारे में पूछा इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। दशकों से सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ नेता रतनलाल भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। पीएम से बात करने के बाद वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

रतनलाल 16 साल की उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। 1967 में जनसंघ से वह जुड़े। इमरजेंसी के समय में उन्हें यातनाएं भी झेलनी पड़ीं। 1990 में राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया, इसके बाद 24 दिन तक उन्हें अल्मोड़ा की सेंट्रल जेल में रखा गया।

पिछले साल चुनाव के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुद्रपुर में जनसभा के लिए पहुंचे थे तो प्रधानमंत्री का स्वागत करने वालों में रतन लाल गुप्ता भी शामिल थे।

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