Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून लॉकडाउन के बाद कैसे हो नुकसान की भरपाई? CM के स्पेशल-3 तैयार करेंगे विकास का ब्लूप्रिंट
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़

लॉकडाउन के बाद कैसे हो नुकसान की भरपाई? CM के स्पेशल-3 तैयार करेंगे विकास का ब्लूप्रिंट

कोरोना संकट से पूरा देश प्रभावित हुआ है। सरकारें अपने स्तर पर लोगों की जान बचाने के साथ ही हालात का आकलन करने में जुट गई हैं। इस दिशा में उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने समिति भी गठित कर दी है, जो अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सौंपेगी। सीएम रावत ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में जो कमेटी गठित की है, उसमें उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य को सदस्य बनाया गया है।

अगर हम तीनों मंत्रियों के प्रोफाइल को देखें तो साफ है कि सरकार कृषि, शिक्षा, महिला एवं बच्चों पर असर समेत कोरोना संकट से उबरने के बाद का एक ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है। सुबोध उनियाल के पास राज्य में उद्यान, कृषि और कृषि शिक्षा का प्रभार है। समिति से बिंदुवार विस्तृत सुझाव वाली कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। इस समिति के सुझाव पर सरकार आर्थिक सुधार की योजनाओं पर काम करेंगी।

पढ़ें- कोरोना संकट के बीच एहतियात बरतते हुए खुले गंगोत्री धाम के कपाट

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि उपसमिति की बैठक जल्द बुलाई जाएगी और इस पर काम शुरू हो जाएगा। वह लॉकडाउन के हालत पर पहले भी कई योजनाओं पर काम कर चुके हैं। उन्होंने अपने स्तर पर बेरोजगार लोगों की हरसंभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं जिससे वे खेतीबाड़ी कर अपना और परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

पढ़ें- अर्जेंटीना से लौटे उत्तराखंडी ने पेश की मिसाल

सीएम ने कहा है कि मंत्रिमंडलीय उपसमिति कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कैसे की जा सकती है, कैसे हम स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा कर सकते हैं, अपने नौजवानों को काम दे सकते हैं और गरीबों को कैसे सशक्त कर सकते हैं, इसका आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। आपको बता दें कि रोजगार से लेकर सरकार को राजस्व की भी हानि हुई है।

इतना ही नहीं, सीएम खुद कृषि, पर्यटन, बागवानी डेयरी और एमएसएमई क्षेत्रों के लोगों से संवाद करने वाले हैं। वह लोगों से बातकर उनके सुझाव लेंगे कि किस तरह अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...