Saturday , 5 September 2026
Home एक्सक्लूसिव ई-रैबार: हरिद्वार के DM ने बताया- कौन कहां हो रहा क्वारंटीन, कैसी हैं चुनौतियां
एक्सक्लूसिवहरिद्वार

ई-रैबार: हरिद्वार के DM ने बताया- कौन कहां हो रहा क्वारंटीन, कैसी हैं चुनौतियां

हिल-मेल के लाइव शो ‘ई-रैबार’ में उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों के जिलाधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाता है। उनसे जिले में कोरोना को लेकर तैयारियों और हालात पर बात होती है। इसी क्रम में हमने आमंत्रित किया हरिद्वार के जिलाधिकारी सी. रविशंकर को और उनसे बात की वरिष्ठ पत्रकार ओपी डिमरी ने।

जिलाधिकारी ने बताया कि अन्य राज्यों से आ रहे लोगों के कारण संक्रमण बढ़ा है। यह जिला नोडल सेंटर भी है यानी अन्य जिलों के लोग भी हरिद्वार से होकर जाते हैं। कुछ लोगों को यहां क्वारंटीन किया जा रहा है। लॉकडाउन-1 में पहले फोकस इस पर था कि इसे अच्छे से लागू किया जाए, बाद में फोकस आवश्यक सामानों की आपूर्ति पर चला गया क्योंकि तब तक लोग लॉकडाउन के बारे में समझ चुके थे। यहां श्रमिक काफी फंसे थे उनकी परेशानियों को दूर करना और अब लॉकडाउन के चौथे चरण में इकॉनमी को भी रिवाइव करने पर भी फोकस है।

पढ़ें- उत्तराखंड में और बढ़ेगी गर्मी, पहाड़ों पर बूंदाबांदी के आसार

उन्होंने (DM Haridwar) बताया कि हरिद्वार में लॉकडाउन के पीक में भी 40 से 45 हजार लोग काम कर रहे थे क्योंकि वे दवा एवं अन्य जरूरी क्षेत्रों में काम करते थे। अब ट्रेनों से बहुत से लोग आ रहे हैं। ट्रेनें और बसें काफी आने-जाने लगी हैं। जब भी कोई ट्रेन आती है तो 1200 से 1500 लोगों को उसके जिले के हिसाब से बांटते हैं।

जैसे, कुमाऊं की तरफ के बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल को हल्द्वानी भेजते हैं और चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर को रुद्रपुर भेजते हैं। देहरादून वालों को देहरादून भेजते हैं। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और हरिद्वार के लोगों को हरिद्वार में ही रखा जाता है। एक-एक व्यक्ति की यथासंभव टेस्टिंग की जाती है।

पढ़ें- उत्तराखंड में तीन दिन में 197 लोगों में संक्रमण की पुष्टि

DM ने कहा कि थर्मल स्क्रीनिंग से तापमान लेकर लक्षण मिलने पर टेस्टिंग की जाती है। मुंबई से आने वाले हर शख्स की टेस्टिंग की जाती है। टेस्ट रिजल्ट के आधार पर ही आगे का फैसला लिया जाता है।

उन्होंने बताया कि कभी-कभी कोविड-19 के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, इसके लिए हम अलर्ट रहते हैं और संवेदनशील इलाकों जहां कोरोना ज्यादा फैला है वहां से आने वाले लोगों को यह मानकर टेस्ट किया जाता है कि उन्हें संक्रमण हो सकता है। इसके अलावा बुजुर्गों या इलाज कराकर आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जाती है।

DM ने कहा कि हर व्यक्ति का टेस्ट नहीं कर सकते इसलिए ICMR की गाइडलाइन के अनुसार लक्षण न दिखाई देने वाले मरीज के किसी दूसरे मरीज से संक्रमण होने की आशंका को देखते हुए ही टेस्ट किया जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हर ग्राम प्रधान को क्वारंटीन सुविधा तैयार करने को कहा गया है, जिससे लोगों को अलग रखा जाए।

आखिर में उन्होंने यह भी कहा कि इतनी चेकिंग के बाद भी संक्रमण फैल सकता है, ऐसे में इसे रोकने का एक ही तरीका है सामाजिक दूरी।

पूरा कार्यक्रम देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें…

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles