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कोरोना काल में तकनीक की अहमियत बढ़ी, CM रावत बोले- दो साल में सुदूर गांवों में पहुंचाएंगे

इस कोरोना काल में तकनीक का महत्व और निर्भरता तेजी से बढ़ी है। सरकारों की कोशिश है कि सुदूर गांवों तक तकनीक पहुंचे। ऐसे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमारा प्रयास है कि आने वाले डेढ़-दो वर्षों में अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में भी तकनीक के माध्यम से संपर्क कर सकें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि कोविड-19 के कारण देश विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। इन हालात में तकनीक का महत्व और अधिक बढ़ गया है। इस युग में टेक्नॉलोजी को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का जितना अधिक इस्तेमाल होगा, उससे कार्यों में और अधिक पारदर्शिता आएगी और समय की बचत भी होगी। हमारा प्रयास है कि आने वाले डेढ़-दो वर्षों में अपने प्रदेश के सुदूरवर्ती गांवों में भी तकनीक के माध्यम से संपर्क कर सकें।

उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जी.बी. पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, घुड़दौड़ी, पौड़ी गढ़वाल द्वारा ‘‘स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्मार्ट कॉम-2020’ पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया।

पढ़ें: उत्तराखंड में थम नहीं रहा कोरोना, मरीजों के बेड बढ़ाने के प्लान में जुटे सीएम त्रिवेंद्र

सीएम त्रिवेंद्र ने जी.बी. पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन करने पर बधाई देते हुए कहा कि तकनीकि शिक्षा कुशल जनशक्ति का सृजन कर, औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाकर और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके देश के मानव संसाधन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जी.बी. पंत इंस्टीट्यूट, उत्तराखंड राज्य में प्रमुख तकनीकी संस्थान होने के नाते स्मार्ट, मशीन इंटेलिजेंस और रियल-टाइम कम्यूटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर अपनी जिम्मेदारियों का कुशल निर्वहन कर रहा है। यह सम्मेलन तकनीकी क्षेत्र में अनुसंधान कार्य को बढ़ावा देने और नवीन विचारों का साझा करने में सफल होगा।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. एम.पी.एस. चौहान, मुख्य संरक्षक डॉ. एस.एन सिंह, डॉ. अयूब खान, संस्थान के सभी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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Hill Mail

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