Home एक्सक्लूसिव केदारनाथ में पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट शंकराचार्य की समाधि, देखें Exclusive तस्वीरें
एक्सक्लूसिव

केदारनाथ में पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट शंकराचार्य की समाधि, देखें Exclusive तस्वीरें

38 मीटर की गोलाई में बन रही इस समाधि के निर्माण कार्य की समयसीमा दिसंबर, 2020 है। इसके बाद समाधि में खास तरह की साजसज्जा का भी काम होना है। मौसम की तमाम दिक्कतों के बावजूद समाधि का निर्माण कार्य निरंतर चल रहा है।

केदारनाथ धाम में मंदिर के पीछे आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि बन रही है। केदारघाटी में चल रहे निर्माण कार्यों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे नजर रखते हैं। आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, अपनी हर समीक्षा बैठक में वह इस पर अपडेट लेते रहते हैं। केदारनाथ में बनी ध्यान गुफा भी पीएम मोदी का पसंदीदा प्रोजेक्ट रही है।

38 मीटर की गोलाई में बन रही इस समाधि के निर्माण कार्य की समयसीमा दिसंबर, 2020 है। इसके बाद समाधि में खास तरह की साजसज्जा का भी काम होना है। मौसम की तमाम दिक्कतों के बावजूद समाधि का निर्माण कार्य निरंतर चल रहा है।

समाधि का निर्माण कर रही कंपनी वुडस्टोन कंस्ट्रक्शन के प्रभारी मनोज सेमवाल के मुताबिक, यह काम तीन चरणों में किया जाना है। पहले चरण में खुदाई का काम किया गया। दूसरे चरण में निर्माण का काम चल रहा है। तीसरे चरण में समाधि की सजावट का काम होना है।

उन्होंने कहा कि लगभग दिसंबर 2020 तक यह काम पूरा हो जाएगा, हालांकि मौसम एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। लेकिन हमारा लक्ष्य निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा करना है। इसके बाद सजावट का काम किया जाएगा।

 

आमतौर पर केदारनाथ में निर्माण का कार्य सालभर चलता है। वुडस्टोन ने कभी भी निर्माण कार्य रुकने नहीं दिया। लेकिन साल 2019-20 के शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण चार महीने काम बाधित रहा। हालांकि सेमवाल कहते हैं कि हमने काम की रफ्तार बढ़ा दी है ताकि जो समय बर्बाद हुआ उसकी भरपाई की जा सके।

समाधि स्थल पर जाने का रास्ता मंदिर के पीछे दिव्या शिला से होगा, जिसमें लगभग 60 मीटर की दूरी तय करनी होगी। समाधि में गोलाई में नीचे जाने के लिए एक रैंप होगा , जो लगभग इस गोलाई के 2 चक्कर मे पूरा होगा। नीचे समाधि स्थल पर योग भी किया जा सकेगा। समाधि से बाहर आने के लिए एक अलग रैंप होगा, जो भैरवनाथ मंदिर के लिए खुलेगा।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले माता-पिता, निष्पक्ष जांच की मांग

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच की मांग को...

अंकिता भंडारी हत्याकांड: देहरादून में कांग्रेस का लोकभवन घेराव, हरक सिंह रावत समेत कई नेता हिरासत में

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की...

अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका गांधी, दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने को दिया समर्थन

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर...