अग्रिम मोर्च पर सेना और दूसरे सुरक्षा बलों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत असम और अरुणाचल पहुंचे और पूर्वी सेक्टर में वायु सेना के ठिकानों का दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात सेना, आईटीबीपी और एसएफएफ के सैनिकों के साथ बातचीत की। CDS रावत ने अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी और लोहित सेक्टर में स्थित पोस्ट का भी दौरा किया।

सीडीएस जनरल रावत का पूर्वी सेक्टर का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और चीन के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। चीनी सेना की किसी भी तरह की आक्रामकता का माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सेना और वायु सेना लद्दाख में सीमा पर तैनात है।


प्रभावी निगरानी बनाए रखने के लिए सैनिकों द्वारा अपनाए गए उपायों और ऑपरेशनल तैयारियों को देखने के बाद जनरल बिपिन रावत ने मोर्चे पर तैनात जवानों से कहा, सिर्फ भारतीय सैनिक ही इस तरह के चुनौतीपूर्ण हालात में चौकसी रख सकते हैं और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए किसी ही हद तक जाने को तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘यहां जवानों का बुलंद हौसला देखकर यकीन होता है कि भारतीय सेना से मुकाबला करने वाले टूटकर बर्बाद हो जाएंगे।’ जनरल रावत ने देश के पहले सीडीएस के तौर पर एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है।


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