Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून देवभूमि उत्तराखंड में कोरोना से ज्यादा अब ब्लैक फंगस ने बढ़ाई टेंशन, पढ़िए पूरी रिपोर्ट
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़

देवभूमि उत्तराखंड में कोरोना से ज्यादा अब ब्लैक फंगस ने बढ़ाई टेंशन, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

उत्तराखंड में सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन का फोकस कोरोना के साथ-साथ अब ब्लैक फंगस पर भी है। हाल के दिनों में ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के मरीज बढ़े हैं और लोगों की जान भी जा रही है। ऐसे में इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंफोरटेरेसिन-बी इंजेक्शन की मांग बढ़ी है। राहत की खबर यह है कि रुद्रपुर स्थित वीएचबी इंटरनेशनल फार्मा कंपनी में इसका प्रोडक्शन तेजी से होने लगा है।

गुरुवार रात में 15 हजार इंजेक्शन राज्य को मिल गए। अधिकारियों ने बताया है कि इसके ऑर्डर दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय ने दिए थे। इसमें से 10 हजार मेडिकल कॉलेज दून, दो हजार मेडिकल कॉलोज हल्द्वानी और तीन हजार इंजेक्शन डीजी हेल्थ कार्यालय के लिए हैं।

अभी ढील देने के मूड में नहीं उत्तराखंड सरकार, कोरोना कर्फ्यू और बढ़ा, दुकानों के खुलने का समय भी बदला

अब चिंताजनक पहलू समझिए। इस समय राज्य में कोरोना की मृत्यु दर 1.92 फीसदी है लेकिन ब्लैक फंगस की 9 फीसदी है। प्रदेश में अब तक ब्लैक फंगस के 155 मामले आए हैं। केस भले ही कम हो पर मौतों का प्रतिशत अधिक है। 13 मरीज ठीक हो गए हैं और 14 मरीजों की मौत हो चुकी है।

जानकारों के मुताबिक यह फंगल इन्फेक्शन नाक से शुरू होता है। इसके बाद यह आंखों तक पहुंचता है और फिर दिमाग तक पहुंचने का खतरा रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

https://hillmail.in/akash-negi-hoisted-tricolor-at-mount-everest/

डायबिटीज वाले मरीजों को और भी ऐहतियात बरतने की जरूरत है। उन्हें ब्लैक फंगस का खतरा ज्यादा है। अगर उन्हें कोरोना भी हुआ हो तो खतरा बढ़ जाता है। समय पर इलाज मिलने से इसके नाक या साइनस में रहने तक मरीज को बचाना आसान होता है।

डॉक्टरों की बात मानिए
कोरोना काल में अब लोगों को ब्लैक फंगस से भी बचने की जरूरत है। डॉक्टर बताते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद अपना ब्लड शुगर नियंत्रित रखें। चिकित्सक की सलाह के बाद ही स्टेरॉयड का इस्तेमाल करें। एंटीबीयोटिक और एंटी-फंगल दवाइयों का उपयोग कैसे करना है, इस पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ब्लैक फंगस के लक्षण दिखने पर इम्युनिटी बूस्टर दवा बंद कर दें। इलाज के लिए अपने शरीर में पानी की कमी न होने दें।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles